Banner

बैंकिंग लोकपाल योजना 2006

यह योजना बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली कतिपय सेवाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान में सहायता प्रदान करने और इन शिकायतों के संतोषजनक हल अथवा निपटान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है.

संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ, विस्तार और प्रयोग

  • यह योजना बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 कहलाएगी.
  • यह योजना भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्द‍िष्ट तारीख से प्रभावी होगी.
  • इसका विस्तार सम्पूर्ण भारत में होगा.
  • इस योजना के तहत यथा परिभाषित बैंक के भारत में किए जा रहे कारोबार के बारे में यह योजना लागू होगी.

योजना का निलंबन

    • भारतीय रिज़र्व बैंक, यदि संतुष्ट है कि ऐसा करना आवश्यक है तो योजना के प्रावधानों के सभी अथवा किसी भी प्रावधान के परिचालन को या तो सामान्य रूप से अथवा किसी विनिर्द‍िष्ट बैंक के संबंध में, आदेश में विनिर्द‍िष्ट अवधि के लिए आदेश द्वारा समाप्त कर सकता है.
    • भारतीय रिज़र्व बैंक, समय-समय पर आदेश द्वारा उपरोक्तानुसार किसी भी आदेशित निलम्बन-अवधि को ऐसी अवधि तक बढ़ा सकता है जो वह ठीक समझता है.

परिभाषाएं

  • ‘अधिनिर्णय’ से आशय बैंकिंग लोकपाल द्वारा योजना के अनुसार पारित अधिनिर्णय से है.
  • ‘अपील प्राधिकारी’ से आशय भारतीय रिज़र्व बैंक के योजना के कार्यान्वयन से संबंधित विभाग के उप गवर्नर प्रभारी से है.
  • ‘प्राधिकृत प्रतिनिधि’ से आशय उस व्यक्ति से है जिसे शिकायतकर्ता द्वारा, उसकी शिकायत पर विचार करने के लिए बैंकिंग लोकपाल के समक्ष उसकी ओर से कार्यवाही करने और उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए विधिवत् नियुक्त अथवा प्राधिकृत किया गया है.
  • ‘बैंकिंग लोकपाल’ से आशय उस व्यक्ति से है, जिसे इस योजना के खण्ड – 4 के अंतर्गत नियुक्त किया गया है.
  • ‘बैंक’ से आशय बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का अधिनियम 10) की धारा 5 में यथा-पारिभाषित किसी ‘बैंकिंग कम्पनी’, किसी ‘तदनुरूपी नए बैंक’, किसी ‘क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक’, भारतीय स़्टेट बैंक’, किसी ‘सहायक बैंक’ अथवा उसी अधिनियम की धारा 56 के खण्ड (c) में परिभाषित अनुसार तथा भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 (1934 का अधिनियम 2) की दूसरी अनुसूची में समाहित किसी ‘प्राथमिक सहकारी बैंक’ से है, जिसका कारोबार स्थल भारत में स्थित है, भले ही ऐसा बैंक भारत अथवा भारत के बाहर निगमित किया गया हो.
  • ‘शिकायत’ से आशय लिखित या इलैक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रेषित उस अभ्यावेदन से है, जिसमें बैंकिंग सेवा की कमी की शिकायत हो, जैसा कि योजना के खण्ड -8 में उल्लेख किया गया है.
  • ‘रिज़र्व बैंक’ से आशय भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 3 के अंतर्गत गठित भारतीय रिज़र्व बैंक से है.
  • ‘योजना’ से आशय बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 है.
  • ‘सचिवालय’ से आशय इस योजना के खण्ड – 6 के उप-खण्ड (1) के अनुसार गठित कार्यालय से है.
  •  ‘समझौते’ से आशय उस करार से है जिस पर इस योजना के खण्ड -11 के अधीन बैंकिंग लोकपाल की मध्यस्थता अथवा समझौते के फलस्वरूप सहमति हुई हो.

बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय की स्थापना

नियुक्ति और कार्यकाल

  • भारतीय रिज़र्व बैंक अपने मुख्य महाप्रबंधक अथवा महाप्रबंधक के पद के एक या इससे अधिक अधिकारियों को नियुक्त कर सकता है जो इस योजना द्वारा अथवा के तहत उनकों सौंपे गए कार्यों को करने के लिए बैंकिंग लोकपाल के रूप में जाना जाएगा.
  • उक्त खण्ड के तहत बैंकिंग लोकपाल की नियुक्ति एक समय में तीन वर्ष की अवधि से अधिक के लिए नहीं की जाएगी.

कार्यालय का स्थान एवं अस्थायी मुख्यालय

  • बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय ऐसे स्थानों पर स्थित होंगे जो भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनिर्द‍िष्ट किए जाएंगे.
  • शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए, बैंकिंग लोकपाल अपने अधिकार क्षेत्र के दायरे में स्थित उस किसी भी स्थान पर बैठक आयोजित कर सकते हैं, जो उनके समक्ष प्रस्तुत शिकायत अथवा संदर्भ के विषय में उन्हें आवश्यक और उचित लगे.

सचिवालय

  • बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय में भारतीय रिज़र्व बैंक अपने अधिकारियों अथवा अन्य स्टाफ की ऐसा संख्या प्रतिनियुक्त करेगा, जो बैंकिंग लोकपाल के सचिवालय के कार्य के लिए आवश्यक होंगे.
  • सचिवालय की लागत का वहन रिज़र्व बैंक द्वारा किया जाएगा.

बैंकिंग लोकपाल का अधिकार क्षेत्र, शक्तियां और कर्तव्य

शक्तियां एवं अधिकार क्षेत्र

  • रिज़र्व बैंक ऐसी भौगोलिक सीमाएं विनिर्द‍िष्ट करेगा जहां तक योजना के खण्ड – 4 के तहत नियुक्त प्रत्येक बैंकिंग लोकपाल के प्राधिकार का विस्तार होगा.
  • बैंकिंग लोकपाल, खण्ड – 8 में उल्लिखित आधार पर, बैंकिंग अथवा अन्य सेवाओं में कमी के संबंध में दायर की गई शिकायतों को प्राप्त करेगा और उन पर विचार करेगा और संबंधित बैंक तथा शिकायतकर्ता पार्ट‍ियों के बीच इस योजना के तहत करार अथवा समझौता अथवा अभिनिर्णय पारित करके उनके संतोषजनक समाधान अथवा निपटान करने में सहायता प्रदान करेगा.
  • बैंकिंग लोकपाल अपने कार्यालय पर निगरानी और नियंत्रण के सामान्य अधिकारों का प्रयोग करेगा तथा वहां संचालित कामकाज हेतु उत्तरदायी होगा.
  • बैंकिंग लोकपाल रिज़र्व बैंक से परामर्श करते हुए अपने कार्यालय के लिए वार्ष‍िक बजट तैयार करेगा तथा अनुमोदित बजट सीमा के भीतर भारतीय रिज़र्व बैंक व्यय नियमावली – 2005 के अनुसार अपनी व्यय संबंधी शक्तियों का प्रयोग करेगा.
  • बैंकिंग लोकपाल, प्रत्येक वर्ष 30 जून को रिज़र्व बैंक के गवर्नर को एक रिपोर्ट भेजेगा जिसमें उसके कार्यालय की पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के दौरान की कार्यकलापों की सामान्य समीक्षा का समावेश होगा और रिज़र्व बैंक द्वारा निदेशित अनुसार ऐसी अन्य सूचना उपलब्ध कराएगा जिसे रिज़र्व बैंक जनहित में प्रकाशित करना आवश्यक समझता है तो बैंकिंग लोकपाल से प्राप्त रिपोर्ट और सूचना समेकित स्वरूप अथवा अन्य स्वरूप में, जैसा यह उवित मानता है, प्रकाशित कर सकता है.

शिकायत के निवारण की प्रक्रिया

शिकायत के आधार

  • निम्नलिखित में से किसी भी आधार पर बैं‍‍किंग अथवा अन्य सेवाओं में गिरावट का आरोप होने पर संबंधित बैंकिंग लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में शिकायत दर्ज की जा सकती है
    • चेकों, ड्राफ्टों, बिलों आदि का भुगतान न होना अथवा उसके भुगतान या वसूली में असाधारण विलम्ब;
    • किसी भी प्रयोजन हेतु प्रदत्त कम मुल्य वर्ग के नोटों को बिना किसी पर्याप्त कारण के स्वीकार नहीं करना तथा उनके सम्बन्ध में किसी भी तरह का कमीशन वसूल करना;
    • किसी भी प्रयोजन हेतु प्रदत्त सिक्कों को बिना किसी पर्याप्त कारण के स्वीकार नहीं करना तथा उनके सम्बन्ध में किसी भी तरह का कमीशन वसूल करना;
    • आवक  धन-प्रेषणों का भुगतान नहीं करना अथवा भुगतान में विलम्ब;
    • ड्राफ्टों, पे आर्डरों अथवा बैंकर्स चेकों को जारी करने में विफल रहना अथवा जारी करने में विलम्ब;
    • कामकाज के निर्धारित समय का पालन न किया जाना;
    • गारंटी / साखपत्र सम्बन्धी प्रतिबद्धताओं को सकारने में असफल रहना;
    • बैंक अथवा इसके प्रत्यक्ष विक्रेता एजेंटों द्वारा लिखित में वादा की गई बैंकिंग सुविधा (ऋण और अग्रिम को छोड़कर) को उपलब्ध कराने में असफल रहना अथवा विलम्ब होना;
    • पार्ट‍ियों के खाते में आगम राशि देर से जमा करना, जमा नहीं करना, किसी बैंक में रखे गए बचत बैंक, चालू अथवा अन्य खाता की जमाराशियों से संबंधित ब्याज दर के बारे में लागू रिज़र्व बैंक के निदेशों, यदि कोई हों, का अनुपालन नहीं किया जाना;
    • निर्यातकों के लिए निर्यात अगम राशियां प्राप्त होने, निर्यात बिलों को निभाने, बिलों की वसूली आदि में विलम्ब, बशर्ते कि ऐसी शिकायतें बैंक की भारत में परिचालनों से सम्बधित हों;
    • भारत में खाते रखने वाले अनिवासी भारतीयों से विदेश से उनके परेषणों, जमाराशियों तथा अन्य बैंक सम्बन्धी मामलों के सम्बन्ध में शिकायतें;
    • इनकार करने के लिए बिना किसी वैध कारण के जमा खाता खोलने से इनकार करना;
    • ग्राहक को बिना समुचित पूर्व सूचना के प्रभार लगाना;
    • एटीएम / डेबिट कार्ड परिचालनों अथवा क्रेडिट कार्ड परिचालनों से संबंधित रिज़र्व बैंक के अनुदेशों का बैंक अथवा इसकी अनुषंगियों द्वारा गैर अनुपालन;
    • पेंशन का गैर संवितरण अथवा संवितरण में दरी (उस सीमा तक शिकायत को संबंधित बैंक, परंतु इसके कर्मचारियों के संबंध में नहीं, कार्रवाई के लिए माना जाएगा);
    • भारतीय रिज़र्व बैंक / सरकार द्वारा यथा अपेक्षित करों के मद में भुगतान स्वीकार करने से इनकार अथवा विलम्ब करना;
    • सरकारी प्रतिभू‍तियों को मुक्त करने से इनकार करना अथवा जारी करने में विलम्ब करना अथवा सेवा प्रदान करने में असफल रहना अथवा सेवा प्रदान करने में भुगतान में विलंब;
    • बिना समुचित नोटिस अथवा बिना समुचित कारण के जमा खातों को जबरदस्ती बन्द करना;
    • खातों को बंद करने से मना करना अथवा बंद करने में विलम्ब करना;
    • बैंक द्वारा अपनाये गये फेयर प्रैक्ट‍िस कोड का गैर अनुपालन; और
    • बैंकिंग सेवाओं के संबंध में रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निदेशों के उल्लंघन से संबंधित अन्य कोई मामला.
  • ऋणों और अग्रिमों के विषय में बैंकिंग सेवा में कमी के आक्षेप के संबंध में निम्नलिखित में से किसी एक के आधार पर शिकायत संबंधित क्षेत्राधिकार वाले बैंकिंग लोकपाल से की जा सकती है.
    • ब्याज – दरों के संबंध में रिजर्व बैंक के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाना;
    • मंजूरी, संवितरण में विलम्ब अथवा ऋण आवेदनों के निपटान हेतु नियत समय का अनुपालन न होना;
    • आवेदक को कोई वैध कारण बताए बिना आवेदन पत्र स्वीकार न करना; और
    • इस प्रयोजन हेतु, रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर विनिर्द‍िष्ट किसी भी निदेश अथवा अनुदेश का अनुपालन नहीं होना
  • बैंकिंग लोकपाल ऐसे अन्य मामलों पर भी कार्रवाई करेगा जो रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर विनिर्द‍िष्ट किए जाएंगे.

शिकायत दायर करने की प्रक्रिया

  • योजना के खण्ड 8 में उल्लिखित किसी एक अथवा अधिक आधार पर यदि किसी व्यक्ति को बैंक के खिलाफ शिकायत है तो वह स्वयं अथवा अपने प्राधिकृत प्रतिनिधि (एडवोकेट के अतिरिक्त) के माध्यम से उस बैंकिंग लोकपाल के यहा शिकायत दर्ज कर सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र में शिकायत की गई बैंक की शाखा अथवा कार्यालय स्थित है परंतु, क्रेडिट कार्डो के परिचालनों से संबंधित शिकायतें उस बैंकिंग लोकपाल के यहां दर्ज की जाएंगी जिसके अधिकार क्षेत्र में कार्ड धारक का बिल संबंधी पता स्थित है और वह स्थान नहीं जहां संबंधित बैंक अथवा क्रेडिट कार्ड की प्रोसेसिंग इकाई स्थित है.
  • लिखित में की गई शिकायत, शिकायतकर्ता अथवा उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा यथाविधि हस्ताक्षरित और यथा संभव, अनुलग्नक – ए में विनिर्द‍िष्ट फार्म अथवा स्थिति अनुसार लगभग उसके जैसे फार्म में निम्न का स्पष्ट उल्लेख करते हुए की जाएगी :
    • शिकायतकर्ता का नाम और पता,
    • बैंक की उस शाखा अथवा कार्यालय का नाम और पता जिसके विरूद्ध शिकायत की गई है,
    • शिकायत के लिए जिम्मेदार तथ्य,
    • शिकायतकर्ता ‍को हुए नुकसान की प्रकृति और सीमा, तथा
    • जिस राहत के लिए अनुरोध किया गया.
  • शिकायतकर्ता, शिकायत के साथ ऐसे दस्तावेजों की प्रतियां, यदि कोई है, जिस पर वह भरोसा करता है और इस आशय की घोषणा कि शिकायत इस खण्ड के उपखण्ड (3) के तहत रखने योग्य है, दर्ज करेगा.
  • इलैक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से की गई शिकायत भी बैंकिंग लोकपाल द्वारा स्वीकार की जाएगी और इस प्रकार की गई शिकायत का एक प्रिंट आऊट बैंकिंग लोकपाल के रिकार्ड में दर्ज की जाएगी.
  • बैंकिंग लोकपाल इस योजना द्वारा समाहित ऐसी शिकायतों के बारे में भी कार्यवाही करेगा जो केंद्रीय सरकार अथवा रिज़र्व बैंक द्वारा प्राप्त की गई है और इसे निस्तारण के लिए अग्रेषित की गई है.
  • बैंकिंग लोकपाल को कोई शिकायत तब तक मान्य नहीं होगी जब तक की : -
  • बैंकिंग लोकपाल को शिकायत करने से पहले शिकायतकर्ता नै बैंक को एक लिखित अभ्यावेदन की प्राप्ति से, एक माह की अवधि के भीतर बैंक से कोई जवाब नहीं प्राप्त हुआ था, या बैंक द्वारा दिये गए जवाब से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है;
  • यदि शिकायतकर्ता को अपने अभ्यावदन के बारे में उत्तर प्राप्त हो गया हो तो वह उसके पश्चात् एक वर्ष की अवधि में शिकायत दर्ज करेगा अथवा यदि उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है तो बैंक को अभ्यावेदन करने की तारीख से एक वर्ष और एक माह के भीतर शिकायत दर्ज करेगा;
  • शिकायत उसी विषय-वस्तु के बारे में नहीं है जिसे बैंकिंग लोकपाल द्वारा पिछली किन्ही कार्यवाहियों में मेरिट के आधार पर निपटा दिया गया था अथवा उसके बारे में कार्यवाही की गई थी, भले ही उसी विषय-वस्तु से संबंधित उसी शिकायतकर्ता अथवा एक या अधिक शिकायतकर्ता के साथ अथवा एक या अधिक पार्ट‍ियों से प्राप्त या प्राप्त नहीं हुई थी;
  • शिकायत उसी विषय-वस्तु के संबंध में नहीं है जिसके बारे में किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण अथवा पंच निर्णायक अथवा किसी अन्य फोरम के समक्ष कार्यवाहियां लम्बित है अथवा किसी ऐसे न्यायालय, न्यायाधिकरण, पंच निर्णायक अथवा फोरम द्वारा डिक्री अथवा अधिनिर्णय अथवा आदेश पारित कर दिया गया है;
  • शिकायत का स्वरूप तुच्छ या तंग करने वाला न हो; तथा
  • ऐसे दावों के लिए शिकायत भारतीय परिसीमन अधिनियम, 1963 के तहत निर्धारित परिसीमा अवधि के समाप्त होने से पहले की जाएगी.

जानकारी मांगने का अधिकार

  • इस योजना के अंतर्गत अपने कर्तव्य-निर्वाह के प्रयोजन से, बैंकिंग लोकपाल शिकायत में उल्लिखित बैंक, जिसके विरूद्ध शिकायत की गई है अथवा किसी शिकायत से सम्बद्ध अन्य बैंक से शिकायत के मामले से सम्बन्धित कोई जानकारी देने या शिकायत से संबंधित किसी प्रलेख की प्रमाणित प्रतियां, जो कि उसके पास हों या उसके पास होने का आरोप हो, प्रस्तुत करने के लिए कह सकता है. लेकिन मांग की पूर्त‍ि करने में बिना पर्याप्त कारण के बैंक के असफल होने पर, बैंकिंग लोकपाल यदि वह उचित समझे तो यह निष्कर्ष निकाल सकता है कि यदि सम्बन्धित सूचना अथवा प्रतियां प्रस्तुत की जाती हैं, तो वह बैंक के लिए प्रतिकूल होगा.
  • अपने कर्तव्य निर्वाह के दौरान ध्यान में आने वाली किसी भी जानकारी अथवा कब्जे में आए किसी प्रलेख के बारे में बैंकिंग लोकपाल गोपनीयता का निर्वाह करेगा तथा जानकारी या दस्तावेज देने वाले व्यक्ति की अनुमति के बिना यह ऐसी जानकारी या दस्तावेज को किसी भी अन्य व्यक्ति को नहीं देगा. लेकिन इस खण्ड में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो बैंकिंग लोकपाल को इस बात से रोके की किसी पार्टी द्वारा उसे की गई शिकायत में निहित किसी जानकारी अथवा दस्तावेज को वह उसके द्वारा उचित समझी गई सीमा तक प्राकृतिक न्याय के अनुपालन की तर्कसंगत अपेक्षाओं और कार्यवाही की साफगोई के परिप्रेक्ष्य में अन्य पार्टी अथवा पार्टीयों को बताए.

समझौते द्वारा शिकायत का निपटान

  • व्यावहारिक तौर पर जितनी जल्दी करना संभव हो, बैंकिंग लोकपाल शिकायत की प्रति, बैंक की उस शाखा या कार्यालय को प्रेषित करेगा जिसका नाम शिकायत में उल्लिखित हो और उसकी एक प्रति खण्ड 15 के उपखण्ड (3) में संदर्भ‍ित नोडल अधिकारी को भी भेजेगा तथा शिकायतकर्ता और बैंक के बीच सुलह या मध्यस्थता द्वारा समझौता करवाने का प्रयास करेगा.
  • शिकायत के समाधान के प्रयोजन के लिए बैंकिंग लोकपाल ऐसी प्रक्रिया अपना सकता है, जिसे वह न्यायपूर्ण तथा उचित समझता है और वह साक्ष्य के किंही भी नियमों से बाध्य नहीं होगा.
  • बैंकिंग लोकपाल के समक्ष कार्यवाहियां सारांश प्रकृति की होंगी.

बैंकिंग लोकपाल द्वारा अधिनिर्णय

  • यदि शिकायत प्राप्ति की तारीख से एक माह अथवा पार्टी को अनुमत दी गई ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर शिकायत का निपटान समझौते द्वारा नहीं हो पाता है तो बैंकिंग लोकपाल पार्ट‍ियों को अपना पक्ष रखने के लिए तर्कसम्मत अवसर देने के पश्चात अधिनिर्णय जारी कर सकता है अथवा शिकायत को अस्वीकार कर सकता है.
  • बैंकिंग लोकपाल अधिनिर्णय जारी करते समय पार्ट‍ियों द्वारा उनके समक्ष रखे गए साक्ष्यों, बैंकिंग विधि एवं व्यवहार संबंधी सिद्धांतों, निदेशों, रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी अनुदेशों और दिशानिर्देशों तथा ऐसे अन्य कारकों पर भी विचार कर सकता है जो उसके मतानुसार शिकायत से संबद्ध हैं.
  • अधिनिर्णय में अधिनिर्णय पारित किए जाने के कारणों का उल्लेख संक्षेप में किया जाएगा.
  • उपखण्ड (1) के तहत पारित अधिनिर्णय में वह राशि विनिर्द‍िष्ट की जाएगी, यदि कोई है, जिसका बैंक द्वारा शिकायतकर्ता को उसके द्वारा उठायी गयी हानि की क्षतिपूर्त‍ि के लिए भुगतान किया जाएगा और अधिनिर्णय में बैंक के लिए किसी दिशानिर्देश का भी उल्लेख किया जा सकता है.
  • उपखण्ड (4) में किसी बात के होते हुए भी, बैंक की भूल-चूक के प्रत्यक्ष परिणाम के कारण शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गई वास्तविक हानि की राशि, अथवा रू.दस लाख, जो भी कम है, से अधिक की राशि के भुगतान हेतु निदेश देने के लिए अधिनिर्णय पारित करने का बैंकिंग लोकपाल को अधिकार नहीं होगा.
  • क्रेडिट कार्ड परिचालनों के कारण उत्पन्न शिकायतों के मामले में, बैंकिंग लोकपाल देय क्षतिपूर्त‍ि राशि का निर्धारण करते समय शिकायतकर्ता के समय की हानि, शिकायतकर्ता द्वारा वहन किए गए खर्चों, वित्तीय हानि, उत्पीडन और मानसिक वेदना को ध्यान में रखेगा.
  • अधिनिर्णय की एक प्रति शिकायतकर्ता और बैंक को भेजी जाएगी.
  • जिस बैंक के विरूद्ध अधिनिर्णय दिया गया है, अधिनिर्णय उस पर तब तक लागू नहीं होगा जब तक कि शिकायतकर्ता अधिनिर्णय प्राप्त होने से 15 दिनों की अवधि के भीतर मामले के पूर्ण और अंतिम निपटान के संबंध में अपनी स्वीकृति पत्र नहीं देता. यदि शिकायतकर्ता बैंकिंग लोकपाल द्वारा पारित अधिनिर्णय को स्वीकार नहीं करता है अथवा 15 दिन की उक्त अवधि अथवा बैंकिंग लोकपाल द्वारा स्वीकृत की गई ऐसी अतिरिक्त अवधि, जो 15 दिन से अधिक की नहीं होगी, के भीतर अपना स्वीकृती पत्र देने में असफल रहता है तो अधिनिर्णय समाप्त और अप्रभावकारी हो जाएगा.
  • बैंक अधिनिर्णय के प्राप्त होने तथा शिकायतकर्ता द्वारा उप-खण्ड (8) के संदर्भ में उससे स्वीकृति के प्राप्त होने से एक माह के भीतर, अथवा बैंकिंग लोकपाल द्वारा स्वीकृत की गई 15 दिन की अवधि के भीतर उसका अनुपालन करेगा और इसकी सूचना बैंकिंग लोकपाल को भेजेगा.

शिकायत की अस्वीकृति

शिकायत को किसी भी चरण में बैंकिंग लोकपाल अस्वीकार कर सकता है यदि उसे ऐसा प्रतीत होता हो कि यह शिकायत-

  • खण्ड 8 में संदर्भित शिकायत के आधार पर नहीं या
  • खण्ड-12 (5) के तहत बैंकिंग लोकपाल के लिए निर्धारित आर्थिक अधिकार क्षेत्र के बाहर की है, अथवा
  • तुच्छ, परेशान करने, दुर्भावनापूर्ण नीयत से की गई है, अथवा
  • बिना किसी पर्याप्त कारण के की गई है, अथवा
  • शिकायतकर्ता द्वारा मामले पर समुचित तत्परता से ध्यान नहीं दिया गया है, अथवा
  • बैंकिंग लोकपाल की राय में शिकायतकर्ता को कोई हानि अथवा क्षति अथवा असुविधा नहीं हुई है, अथवा
  • विस्तृत दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य और बैंकिंग लोकपाल के समक्ष कार्यवाही की आवश्यकता होती है ऐसे विचार इस तरह के शिकायत के अधिनिर्णय के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

अपील प्राधिकारी के समक्ष अपील

  • यदि कोई व्यक्ति अधिनिर्णय से सहमत नहीं है तो अधिनिर्णय प्राप्त होने की तारीख से 45 दिन के भीतर अपील प्राधिकारी के समक्ष अधिनिर्णय के विरूद्ध अपील कर सकता है बशर्ते कि अपील प्राधिकारी, यदि वह संतुष्ट है कि आवेदक द्वारा निर्धारित समय के भीतर अपील न करने का समुचित कारण है तो वह अवधि में 30 दिन की वृद्धि कर सकता है, बैंक द्वारा अपील अध्यक्ष अथवा उसकी अनुपस्थिति में प्रबंध निदेशक या कार्यकारी निदेशक या मुख्य कार्यपालक अधिकारी या उसी के समकक्ष पद के अन्य अधिकारी की पूर्व मंजूरी से दाखिल किया जा सकता है.
  • पा‍र्ट‍ियों को एक समुचित अवसर प्रदान किए जाने के पश्चात अपील प्राधिकारी
    • अपील को खारिज; अथवा
    • अपील के लिए अनुमति और अधिनिर्णय को रद्द; अथवा
    • अपील प्राधिकारी ऐसे निदेशों के पालन में नई सुनवाई के लिए मामला बैंकिंग लोकपाल को इन अनुदेशों के साथ भेज सकता है, जो वह अवश्यक अथवा उचित समझे; अथवा
    • अधिनिर्णय को संशोधित कर सकता है और ऐसे निदेश पारित कर सकता है जो इस प्रकार संशोधित अधिनिर्णय को प्रभावी बनाने के लिए आवशयक हो; अथवा
    • ऐसा कोई अन्य आदेश पारित कर सकता है, जो वह उचित समझे
    • अपील प्राधिकारी के आदेश का वैसा ही प्रभाव होगा जैसा बैंकिंग लोकपाल द्वारा खण्ड 12 के तहत पारित अधिनिर्णय अथवा खण्ड 13 के तहत शिकायत को अस्वीकार करने के आदेश का जैसा भी मामला हो, प्रभाव होगा.

बैंक द्वारा जनता की सामान्य जानकारी के लिए योजना की प्रमुख विशेषताएं प्रदर्श‍ित करना

  • योजना का उद्देश्य, बैंकिंग लोकपाल का नाम और पता – जिसको शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायते की जाएंगी – योजना के अंतर्गत शामिल बैंक सभी कार्यालय और शाखाओं में प्रमुखता से इस ढंग से प्रदर्श‍ित करना सुनिश्चित करेंगे कि कार्यालय अथवा शाखा में आने वाला व्यक्ति योजना के बारे में समुचित जानकारी प्राप्त कर सके.
  • योजना के अन्तर्गत शामिल बैंक सुनिश्चित करेंगे कि योजना की एक प्रति बैंक परिसर कार्यालय में अवलोकन के लिए नामित अधिकारी के पास उपलब्ध रहेगी ताकि यदि कोई व्यक्ति उसका अवलोकन करना चाहता है तो वह अवलोकन कर सके तथा नामित अधिकारी के पास योजना की प्रति की उपलब्धता के बारे में सूचना इस खण्ड के उपखण्ड – (1) के तहत नोटिस के साथ प्रदर्श‍ित की जाएगी.
  • योजना के अन्तर्गत शामिल बैंक अपने क्षेत्रीय / अंचल कार्यालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और उसकी सूचना उस बैंकिंग लोकपाल कार्यालय को देंगे जिसके अधिकार क्षेत्र में क्षेत्रीय / अंचल कार्यालय स्थित हैं. इस प्रकार नियुक्त नोडल अधिकारी बैंक का प्रतिनिधित्व और बैंक के विरूद्ध दायर किए गए शिकायतों के विषय में बैंकिंग लोकपाल को सूचना भेजने हेतु जिम्मेदार होंगे.

विविध

कठिनाइयों को दूर करना

यदि इस योजना के प्रावधानों को लागू करने में कोई कठिनाई आती है, तो ऐसी कठिनाइयों को दूर करने के लिए रिज़र्व बैंक, जैसा आवश्यक एवं उचित समझे, वैसा प्रावधान बना सकता है, जो कठिनाइयां दूर करने हेतु बैंकिंग अधिनियम, 1949 या इस योजना में आवश्यक और युक्ति संगत प्रतीत हो

बैंकिंग लोकपाल योजना, 1995 एवं 2002 का प्रयोग

बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 प्रभावशील होने से पूर्व लंबित शिकायतों का अधिनिर्णय एवं पहले से पारित अधिनिर्णय का कार्यान्वयन, प्रत्येक बैंकिंग लोकपाल योजना के प्रावधानों तथा उसके तहत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी अनुदेशों से शासित होता रहेगा.

बैंकिंग लोकपाल के पते और परिचालन का क्षेत्र

बैंकिंग लोकपाल का पता कार्यालय परिचालन का क्षेत्र टेलीफोन / फैक्स नंबर
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
ला गज्जर चैम्बर्स,
आश्रम रोड,
अहमदाबाद – 380 009
गुजरात,
दादर और नगर हवेली, दमन तथा दीव संघ
शासित क्षेत्र
फोन : 6582357/6586718
फैक्स : 079 – 6583325
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
10/3/8, नृपतुंगा रोड
बंगलूर – 560 001
कर्नाटक फोन : 2210771/2275629
फैक्स : 080 - 2244047
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
होशंगाबाद रोड
पोस्ट बोक्स नं. 32
भोपाल – 462 011
मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ फोन : 573772/573776
फैक्स : 0755 - 573779
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
पंडित जवाहरलाल नेहरू मार्ग
भुवनेश्वर – 751 001
उड़ीसा फोन : 418007/418008
फैक्स : 0674 - 418006
द्वारा - ‍भारतीय रिज़र्व बैंक
15, नेताजी सुभाष रोड
कोलकाता – 700 001
पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम फोन: 2206222/2205580
फैक्स : 033 - 2205899
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
नया कार्यालय भवन
सेक्टर – 17, सेंट्रल विस्टा
चंडीगढ़ – 160 017
हिमाचल प्रदेश,
पंजाब और चंडीगढ़ संघ शासित क्षेत्र
फोन : 709589/721011
फैक्स : 0172 – 721880
कुरलगाम बिल्ड‍िंग
तीसरी मंजिल, एसप्लनेड
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस रोड
चेन्नई – 600 108
तमिलनाडु,
पांडिचेरी संघ शासित क्षेत्र और अंदमान तथा निकोबार
द्वीप समूह
फोन : 5341645/5341619
फैक्स : 044 - 5341607
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
स्टेशन रोड, पान बाज़ार
गुवाहाटी – 781 001
असम,
अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा
फोन : 542556/ 540445
फैक्स : 0361 – 540445
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
एनेक्स भवन, तल मंजिल,
सैफाबाद,
हैदराबाद – 500 004
आंध्र प्रदेश फोन : 3210013/3243970
फैक्स : 040 - 3210014  
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
राम बाग सर्कल, टोंक रोड,
पो.बाक्स नं.12,
जयपुर – 302 004
राजस्थान फोन : 570357/570392
फैक्स : 0141 – 562220
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
महात्मा गांधी रोड,
पो.बाक्स नं. 82,
कानपुर – 208 001
उत्तर प्रदेश
(गा‍ज़ियाबाद जिले को छोड़कर) एवं उत्तरांचल
फोन : 361191/310593
फैक्स : 0512 - 362553
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
गार्मेट हाऊस, भू तल,
डॉ. एनी बेसंट रोड, वर्ली,
मुंबई – 400 018
महाराष्ट्र और गोवा फोन: 4924607/4960893
फैक्स : 022 - 4960912  
जीवन भारती भवन
टावर नं.1, 7वीं मंजिल,
124, कनॉट सर्कस, नई दिल्ली – 110 011
दिल्ली,
हरियाणा, जम्मू और कश्मीर तथा उत्तरप्रदेश का गाज़ियाबाद जिला
फोन : 3725445/3710882
फैक्स : 011 – 3725218
‘बिस्कोमौन टावर्स’
2रा तल, पश्चिम गांधी मैदान,
पटना – 800 001
बिहार एवं झारखंड फोन : द्वारा 236453
(राष्ट्रीय समाशोधन गृह)
द्वारा – भारतीय रिज़र्व बैंक
बेकरी जंक्शन,
तिरूवनंतपुरम – 695 033
केरल और लक्षद्वीप संघ शासित क्षेत्र फोन : 332723/329676
फैक्स : 0471 – 321625

अंतिम देखा गया पेज

X
Back to Top