सावधि जमाराशियों नियम

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बड़ौदा सावधि जमा खाते

सावधि जमाराशियों नियम

जमा खाता खोलना

सावधि/लघु जमा और सूचना पर प्रदेय जमाराशियाँ के लिए आवेदन व्यक्ति की स्थिति में फॉर्म संख्या 401 में और गैर व्यक्तिक की स्थिति में फॉर्म संख्या 401ए में लिया जाता है.

सभी सावधि जमा खाता समुचित परिचय के साथ खुलवाया जा सकेगा. सभी जमा के लिए सामान्य आवेदन सह जमा पर्ची को भरा जाएगा.

विभिन्न प्रकार की जमा राशियों के लिए न्यूनतम राशि एवं अवधि

न्यूनतम अवधि

वर्तमान में, रु. 100/- लाख और अधिक की सावधि जमा के लिए न्यूनतम अवधि 7 दिन होगी और रु. 100/- लाख से कम के लिए यह अवधि कम से कम 15 दिन होगी.

अधिकतम अवधि : 120 महीने

विशेष परिस्थिति में, जैसे कि, न्यायालय के आदेश पर या जहां किसी नाबालिग का हित निहित हो और संस्थाओं, सरकारी उपक्रमों, कॉर्पोरेट निकाय जिन्हें अपनी विशेष आवश्यकता पूरी करनी हो जैसे ऋण शोधन निधि की व्यवस्था/ऋण-परिशोधन निधि इत्यादि या व्यक्ति के लिए उनकी किसी भी प्रकार की विशेष आवश्यकताओं के लिए विशेष आवर्ती/संचयी जमा योजना के अंतर्गत 10 वर्षों से अधिक अवधि के लिए जमाराशि का स्वीकार किया जा सकता है. यद्यपि, जमा की अवधि 20 वर्षों से अधिक नहीं हो सकती है.

न्यूनतम राशि

सावधि/अल्पावधि जमा के लिए 15 और अधिक दिनों के लिए न्यूनतम राशि रु. 1,000/- स्वीकार की जाएगी और रु. 100/- लाख और अधिक की जमाराशि न्यूनतम 7 दिनों के लिए स्वीकार की जाएगी.

परिचालन निर्देश

सावधि जमा खाते “दोनों में से कोई एक या उत्तरजीवी”,संयुक्त रूप से देय,जमाकर्ता ओं में से किसी एक को देय आदि निर्देश के साथ खोले जा सकते हैं. यह “पूर्ववर्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी व्यक्ति” या पूर्ववर्ती, उत्तरजीवी संयुक्त रूप से या अंतिम उत्तरजीवी या.....निर्देश के साथ भी खोला जा सकता है और इस स्थिति में खाता खोलते समय परिचालन/भुगतान निर्देश या बाद में बदलाव, यदि हो, इन निर्देशों में, संयुक्त रूप से सभी संयुक्त जमाकर्ता ओं द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा.

लिया जाने वाला अतिरिक्त दस्तावेज़/फॉर्म

पैन/जीआईआर संख्या या फॉर्म 60/61. अन्य दस्तावेज़ केवाईसी नियमों के अनुसार

जमाकर्ता ओं का फोटोग्राफ, वर्तमान खातों (यदि फोटोग्राफ है) को छोडकर

नामांकन सुविधा

उपलब्ध

नाबालिगों के लिए जमा खाते

एकल नाम से – यदि नाबालिग 10 वर्ष से अधिक उम्र का हो और लिख तथा पढ़ सकता हो.

अगर नाबालिग 10 वर्ष से कम उम्र का हो तो स्वाभाविक अभिभावक के साथ संयुक्त रूप से

ऐसे खातों में अधिकतम रु. 1,00,000/-तक की राशि का जमा के रूप में स्वीकार किया जा सकता है. यद्यपि, 14 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिगों के खातों के लिए जमा राशि स्वीकार करने की कोई सीमा नहीं है

नाबालिगों को सावधि जमा के लिए जारी रसीद का पूर्व भुगतान उनके बालिग होने पर ही किया जाएगा.

जमाराशियों का नवीकरण - आवश्यकताएँ

  • विधिवत उन्नमोचित सावधि/लघु जमा रसीद एवं नवीकरण के लिए आवेदन
  • जब रसीद को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा हो या जब केवल जमा रसीद के बजाय केवल पावती जारी की गई हो, तो उन्नमोचन आवश्यक नहीं है.
  • जब रसीद सरकारी विभाग में अग्रिम राशि आदि के रूप में जमा हो और संबन्धित प्राधिकारी उसे देने को तैयार नहीं हो तो राशि प्रस्तुत किए बिना अगली अवधि के लिए जमाराशि को निम्न प्रक्रिया के तहत नवीकृत किया जाएगा:
    • निर्धारित प्रारूप में अनुरोध पत्र दिया जाएगा.
    • कोई नई रसीद जारी नहीं की जाएगी .
    • जमाराशि के नवीकरण संबंधी सूचना पंजीकृत पत्र के माध्यम से संबन्धित सरकारी विभाग को और इसकी एक प्रति जमाकर्ता को दी जाएगी.
    • जब जमाराशि के बदले अग्रिम दिया गया हो तो संबन्धित रसीद को सभी साझेदारों द्वारा उन्नमोचित किया जाएगा.
  • नयी रसीद जारी नहीं की जाएगी. वर्तमान एफ़डीआर में दिये गए स्थान पर प्रविष्टि की जाएगी

जमाराशियों का स्वतः नवीकृत होना

अगर विशेष रूप से निर्दिष्ट नहीं हो तो सावधि जमा राशि की परिपक्वता अवधि पूरा होने के के पश्चात देय तिथि को लागू दर के अनुसार यह स्वतः ही एक साल की अवधि के लिए पुनः नवीकृत हो जाती है.

एक साल से कम अवधि की सावधि जमा राशि की स्थिति में, संबन्धित परिपक्व सावधि जमा का अपनी देय तिथि को को लागू दर के अनुसार स्वतः ही समान अवधि के लिए नवीकरण हो जाता है.

यदि बाद में (अर्थात स्वतः नवीकृत हो जाने के बाद) जमाकर्ता अपनी पुरानी जमाराशियों के पूर्व भुगतान हेतु अनुरोध करता है तो भुगतान पूर्व जमा राशि रसीद को विधिवत उन्नमोचित किया जाएगा और इस पर पूर्व भुगतान के निर्देश उद्धृत होंगे.

जब कोई जमाकर्ता बाद में (अर्थात स्वतः नवीकृत हो जाने के बाद) लंबी परिपक्वता अवधि के लिए अनुरोध करता है तो उपरोक्त अनुसार बिना जुर्माना के पूर्व भुगतान किया जाएगा और आवेदन अनुसार नई एफ़डीआर जारी की जाएगी.

देय तिथि पर जमा रसीद/दों का भुगतान

सभी जमाकर्ताओं द्वारा भुगतान के स्पष्ट निर्देश सहित विधिवत उन्नमोचित जमा रशीद/दों (रु. 20,000/- तक के नकद भुगतान की स्थिति में रेवन्यू स्टम्प पर) जमा किया जाएगा.

आरआईआरडी के अंतर्गत जमा होने की स्थिति में, परिपक्वता की राशि और उसपर लागू ब्याज, यदि हो, का भुगतान निम्नलिखित अनुसार किया जाएगा :-

जमाकर्ता के बैंक खाते में जमा किया जाएगा.

एनईएफ़टी/आरटीजीएस के माध्यम से जमाकर्ता के किसी अन्य बैंक के खाते में जमा किया जाएगा.

जमाकर्ता के निर्देशानुसार डीडी/बैंकर्स चेक जारी किया जाएगा.

तृतीय पक्ष/नामिति/कानूनी वारिस के पक्ष में भुगतान

जमा राशि की प्राप्तियों का भुगतान किसी तृतीय पक्ष या किसी वसूलीकर्ता बैंक के पक्ष में तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि जमा रसीद विधिवत उन्नमोचित हो और अलग से सभी जमाकर्ताओं द्वारा हस्ताक्षरित प्राधिकार पत्र जिसमें किसी तृतीय पक्ष या किसी बैंक, जैसी भी स्थिति हो, के पक्ष में भुगतान अधिकृत किया गया हो, संलग्न होना चाहिए.

नामिती की तुलना में कानूनी वारिस

यदि किसी जमाकर्ता का देहांत हो जाता है तथा नामिती और विधि वारिस दोनों एक साथ जमा राशि पर अपना दावा करते हैं तो बैंक उस कानूनी वारिस, जिसके पास मृत्यु प्रमाणपत्र है, के पक्ष में विचार करेगा.

यद्यपि ऐसे कानूनी वारिस को यह सलाह दी जाती है कि वे माननीय न्यायालय से नामिती के पक्ष में बैंक द्वारा भुगतान नहीं किए जाने संबंधी आदेश प्राप्त करे.

जब तक समुचित अधिकार क्षेत्र के न्यायालय द्वारा जारी कोई डिक्री, आदेश या प्रमाणपत्र विधि वारिस द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जाता है इस मध्य नामिती के पक्ष में भुगतान का समुचित अधिकार बैंक के पास है.

जमाराशियों का पूर्व भुगतान (जमा की अवधि एक वर्ष से अधिक हो)

विधिवत उन्नमोचित जमा राशि और सभी जमाकर्ताओं द्वारा हस्ताक्षरित पूर्व भुगतान संबंधी एक अनुरोध पत्र आवश्यक है.

दिनांक 01.03.2012 से परिपक्वता पूर्व आहरण पर देय ब्याज

बिना जुर्माना के पूर्व भुगतान में ब्याज दर वही लागू होता जो दर जमा राशि स्वीकार करते समय (अर्थात कांट्रैक्ट की तिथि को) उस अवधि के लिए प्रभावी हो जिस अवधि के लिए जमा राशि वास्तविक में बैंक के पास रही हो या कांट्रैक्ट के समय की दर, दोनों में से जो भी कम हो. अगर निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हो तो जुर्माना छोड़ा जा सकता है अर्थात

  • जमा राशि का अंकित मूल्य रु. 5/- लाख से अधिक नहीं हो और
  • उक्त जमाराशि न्यूनतम 12 महीनो की अवधि के लिए बैंक के पास रही हो

ऐसी स्थिति में जब जुर्माना प्रभारित किया जाना हो, अर्थात जमा राशि उपरोक्त क) में वर्णित शर्तों को पूरा नहीं करती हो,तो लागू दर या कांट्रैक्ट दर जो भी कम हो, में से 1% जुर्माना स्वरूप दर कम कर ब्याज का भुगतान किया जाएगा.

निम्नलिखित स्थिति में जुर्माने के भुगतान से छूट दी जा सकती है

  • जमा राशि को असमाप्त अवधि से अधिक अवधि के लिए नवीकृत किया गया हो
  • मृतक के खातों की स्थिति में जब जमाराशि का भुगतान नामिती/कानूनी वारिस/दावेदार के पक्ष में किया गया हो. ऐसी स्थिति में जमा राशि पर लागू वास्तविक ब्याज दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा.

सावधि जमा पर ब्याज की गणना एवं भुगतान संबंधी नियम

सावधि जमा पर अर्जित ब्याज का भुगतान साधारणतया केवल परिपक्वता अवधि के पूर्ण होने पर ही किया जाता है. यद्यपि,जमाकर्ता के अनुरोध पर 12 महीने और अधिक की अवधि की जमाराशि पर परिपक्वता से पूर्व ब्याज का भुगतान निम्नलिखित आधार पर किया जा सकता है

माह, तिमाही या आधे वर्ष के पूरा होने पर जमा की तिथि से अथवा प्रत्येक माह/तिमाही/आधे वर्ष की समाप्ति की तिथि से, जो भी बाद में हो, से मासिक, तिमाही या अर्धवार्षिक आधार पर ब्याज की गणना की जाएगी.

मासिक आय योजना के अंतर्गत देय ब्याज बैंकिंग प्रैक्टिस के लिए आईबीए नियम अनुसार देय ब्याज का बट्टागत मूल्य होता है अर्थात मासिक आय योजना के अंतर्गत प्राप्य ब्याज सामान्य ब्याज से कम होता है.

12 माह से कम अवधि के सावधि जमा पर ब्याज की गणना के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएंगी:

  • 182 दिनों तक की अवधि की जमा के लिए, ब्याज की गणना एक वर्ष में 365 दिन के आधार पर वास्तविक दिनों की संख्या के अनुसार किया जाएगा.
  • 182 दिनों से अधिक अवधि के जमा के लिए, ब्याज की गणना पूर्ण माह के लिए मासिक आधार पर और बचे दिनों के लिए वास्तविक दिनों की संख्या के अनुसार किया जाएगा.
  • जमा राशि पर मासिक/तिमाही/अर्धवार्षिक आधार पर ग्राहक के चालू/बचत खाते में आवधिक ब्याज जमा किए जाने संबंधी स्थायी अनुदेश स्वीकार किए जाते हैं.

दिनांक 01.03.2012 से सावधि जमा (एक वर्ष से अधिक की अवधि वाले) पर ब्याज की गणना के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया

जमा राशि पर मासिक/तिमाही/अर्धवार्षिक आधार पर ग्राहक के चालू/बचत खाते में आवधिक ब्याज जमा किए जाने संबंधी स्थायी अनुदेश स्वीकार किए जाते हैं.

दिनांक 01.03.2012 से सावधि जमा (एक वर्ष से अधिक की अवधि वाले) पर ब्याज की गणना के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया

सभी प्रकार की घरेलू सावधि जमा (जमा की अवधि एक वर्ष से अधिक) की स्थिति में जब अंतिम तिमाही शेष हो, दिनों की वास्तविक संख्या के आधार पर ब्याज की गणना की जाएगी जिसके लिए वर्ष में 365/366 दिन माने जाएंगे अर्थात ऐसी जमा राशियों पर ब्याज की गणना समाप्त तिमाही एवं दिनों के अनुसार होगी.

वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज की उच्च दर

निर्देशानुसार भारत में वरिष्ठ नागरिक, जिन्होंने 60 वर्ष की उम्र सीमा पर कर लिया हो, को सावधि जमा (आवर्ती जमा एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत सावधि जमा सहित) पर 0.50% की दर से अतिरिक्त ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा

ब्याज चुकाए जाने संबंधी प्रमाण पत्र

खाताधारकों के अनुरोध पर उनके विभिन्न खातों में चुकाए गए ब्याज संबंधी प्रमाणपत्र शाखा द्वारा जारी किया जाएगा

रसीद खो जाने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया

  • जमाकर्ता द्वारा एक आवेदन दिया जाएगा
  • आवेदन समुचित रूप से चिन्हित किया जाना चाहिए
  • रसीद की दूसरी प्रति तभी जारी किया जाएगा जब जमाराशि के परिपक्वता की अवधि 12 माह से अधिक शेष हो या जमाकर्ता उक्त रसीद के एवज में ऋण चाहता हो.
  • अन्य सभी मामलों में, जमाकर्ता को जमाराशि के लिए केवल पावती पत्र ही दिया जाना चाहिए.
  • सभी मामलों में निर्धारित प्रारूप अनुसार क्षतिपूर्ति बॉन्ड लिया जाएगा.
  • राशि को ध्यान में रखते हुए जमाकर्ता के साथ एक या दो अच्छे जमानतदार से जमानत अवश्य निष्पादित करवाई जानी चाहिए.
  • निम्नलिखित स्थिति में जमानत से छूट दी जा सकती है.

यदि जमाराशि को कम से कम 12 महीने के लिए नवीकृत किया जा रहा हो या जब जमाकर्ताओं द्वारा अन्य खाते अच्छी तरह रखे जा रहे हों.

जमा खाते और सावधि जमा रसीद में नाम का जोड़ा या हटाया जाना

यदि वर्तमान जमाकर्ता /एं अपने निकट संबंधी (उनकी सहमति ली जानी चाहिए) का नाम जोड़ने हेतु अनुरोध करता है या वर्तमान खाते में से किसी संयुक्त खाता धारक (उनके द्वारा हस्ताक्षरित अनुरोध-पत्र लिया जाना चाहिए) का नाम हटाना चाहता है, तो इसकी अनुमति है और यह निम्नलिखित प्रक्रिया अनुसार होगा:-

वर्तमान खाते में निकट संबंधी/दोस्त का नाम जोड़ने अथवा संयुक्त जमाकर्ता ओं में से किसी का नाम हटाये जाने के आशय से जमाकर्ता /सभी वर्तमान संयुक्त जमाकर्ताओं द्वारा हस्ताक्षरित अनुरोध पत्र लिया जाना चाहिए. यद्यपि नाम में बदलाव की अनुमति नहीं है.

परिचालन निर्देश सहित निम्नलिखित द्वारा हस्ताक्षरित खाते खोलने का नया फॉर्म एवं केवाईसी दस्तावेज़ लिए जाने चाहिए:

  • जोड़े जाने की स्थिति में, वर्तमान जमाकर्ता /ओं और व्यक्ति जिसका नाम जोड़ा जाना है तथा
  • वर्तमान जमाकर्ता का नाम हटाने की स्थिति में, उस व्यक्ति को छोडकर जिसका नाम हटाया जाना है

नाम जोड़े जाने या संयुक्त जमाकर्ताओं में से किसी एक का नाम हटाये जाने संबंधी तथ्य संबन्धित जमा रसीद पर लिखा जाना चाहिए और इसे अधिकृत किया जाना चाहिए और जोड़ने/हटाने की तारीख लिखी जानी चाहिए.

नयी जमा रसीद जारी नहीं की जाएगी.

जमाकर्ताओं में से किसी एक की मृत्यु होने पर उसके नाम को हटाये जाना संबंधी अनुरोध के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र संलग्न होना चाहिए और यह शेष सभी जमाकर्ताओं द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए तथा संशोधित परिचालन अनुदेश दिए जाने चाहिए. अगर जीवित जमाकर्ता /ओ द्वाराकिसी संबंधी/संबंधियों का/के नाम जोड़े जाने हेतु अनुरोध किया जाता है तो ऐसे अनुरोध का स्वीकार किया जाना चाहिए और रसीदों पर इसे लिख लिया जाना चाहिए.

परिचालन अनुदेश – पूर्ववर्ती या उत्तरजीवी,…, पश्चातवर्ती या उत्तरजीवी या पूर्ववर्ती, उत्तरजीवी संयुक्त रूप से या अंतिम उत्तरजीवी हो तो ऐसी स्थिति में संयुक्त साझेदार/रों में से नाम हटाए जाने की अनुमति नहीं है.

आसावधि जमा खातों को अन्य शाखा में स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया

परिपक्वता अवधि पूरा होने पर सावधि जमा की प्राप्तियों को जमाकर्ता के अनुरोध पर बिना किसी शुल्क के एक शाखा से दूसरी शाखा में अंतरित किया जा सकता है, यदिर दूसरी शाखा में इस जमाराशि को कम से कम 30 दिनों के लिए नवीकृत किया जा रहा हो.

सावधि जमा को एक शाखा से दूसरी शाखा में परिपक्वता अवधि पूरा होने से पहले भी जमाकर्ता के अनुरोध पर अंतरित किया जा सकता है.

सावधि जमा के भुगतान की विधि

आयकर अधिनियम 1961, यथा संशोधित, के अनुसार एक व्यक्ति द्वारा अकेले या अन्य के साथ संयुक्त रूप से बैंक की किसी शाखा में रखी गई एवं सूचना पर पुनर्भुगतान योग्य या किसी अवधि के पश्चात पुनर्भुगतान योग्य सभी जमाराशियों (अर्थात परिपक्व सावधि जमा सहित सभी सावधि

जमाराशियों) और ऐसे राशि पर चुकाए जाने वाले ब्याज (चुकाए गए ब्याज को छोडकर) सहित, यदि यह राशि रु. 20,000/- या अधिक है तो “आदाता खाता” वाले बैंकर्स चेक/ड्राफ्ट के माध्यम से या ऐसे जमाकर्ता के खाते में पुनर्भुगतान किया जाएगा.

आवधिक ब्याज का भुगतान नकद भी किया जा सकता है.

जमा रसीदों की सुरक्षित अभिरक्षा:-

जमाकर्ता के अनुरोध पर, प्रवासी भारतीय सहित, एफ़डीआर/एसडीआर को सुरक्षित अभिरक्षा हेतु स्वीकार किया जा सकता है और इसके लिए सभी जमाकर्ताओं से ब्याज के भुगतान, नियत तारीख पर प्राप्तियों का निपटारा आदि के लिए विशिष्ट लिखित अनुदेश प्राप्त किया जाना चाहिए.

सावधि जमा पर चुकाए गए ब्याज के लिए स्त्रोत पर कर की कटौती (आयकर अधिनियम 1961 धारा 194ए)

(धारा 194ए): 1 जुलाई 1995 को आयकर अधिनियम संशोधित हुआ और आयकर के प्रावधान के अनुसार 1 जुलाई 1995 और बाद की सभी सावधि जमा पर आयकर स्रोत पर काटा जाएगा

इस धारा के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार से हैं

एक शाखा में एक व्यक्ति के अकेले या संयुक्त (जैसे प्रथम नामित व्यक्ति) नाम से सभी सावधि जमा पर चुकाया गया या जमा किया गया ब्याज अगर एक वित्तीय वर्ष के अंदर रु. 10,000/- से अधिक है तो ऐसी स्थिति में आयकर काटा जाएगा.

इस उद्देश्य के लिए सावधि जमा का अर्थ ऐसी जमा राशियों से है जिसका एक निश्चित अंतराल के पश्चात पुनर्भुगतान किया जाएगा अर्थात अल्पावधि जमा, मियादी जमा, आरआईआरडी आदि और यथा शक्ति जमा योजना है

आवर्ती जमा, बचत खाते की जमाराशि और चालू खाता की जमाराशि को इस उद्देश्य के लिए शामिल नहीं किया गया है.

जमाकर्ता को ब्याज का भुगतान करते समय या ब्याज खाते में जमा करते समय जो भी पहले हो उस समय कर काटा जाएगा.

अगर जमाकर्ता निम्नलिखित फॉर्म जमा करता है तो कर नहीं काटा जा सकता है.

गैर कॉर्पोरेट ग्राहक, वरिष्ठ नागरिक को छोडकर – फॉर्म संख्या 15जी एवं पैन (1 अप्रैल 2010 से)

वरिष्ठ नागरिक अर्थात 65 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्ति – फॉर्म संख्या 15एच एवं पैन (1 अप्रैल 2010 से)

आयकर विभाग के अनुसार 1 अप्रैल 2010 से टीडीएस लागू होने की स्थिति में स्थायी खाता संख्या (पैन) उद्धृत किया जाना आवश्यक है और ऐसा नहीं करने पर उच्च दर से अर्थात 20% (सामान्य दर 10% के बदले) या सामान्य दर जो भी अधिक हो के हिसाब से टीडीएस देना पड़ सकता है. इसके अतिरिक्त 1 अप्रैल 2010 से फॉर्म जी/ फॉर्म एच में पैन कार्ड लिखा जाना आवश्यक कर दिया गया है.

अतः सभी प्रकार की सावधि जमा पर जब ब्याज की रकम रु. 10,000/- से अधिक हो तो टीडीएस निम्न अनुसार काटा जाएगा.

व्यक्तियों के लिए

  • जब ग्राहक द्वारा फॉर्म 15जी/15एच एवं पैन दिया गया हो – कोई टीडीएस नहीं. बशर्ते कि उस वर्ष के लिए व्यक्ति की वार्षिक आय, आयकर के अंतर्गत छूट में आती हो
  • जब ग्राहक द्वारा फॉर्म 15जी/15एच बिना पैन के जमा किया गया हो – टीडीएस @ 20%
  • जब ग्राहक द्वारा पैन जमा किया जाय – टीडीएस @ 10%
  • जब ग्राहक द्वारा पैन नहीं दिया गया हो – टीडीएस @20% (फॉर्म संख्या 15जी/15एच जमा किए जाने के बाद भी)
  • एनआरओ जमा की स्थिति में, टीडीएस में छूट दोहरा कर टालने संबंधी संधि के अनुसार दिया जाएगा. टीडीएस निम्न अनुसार काटा जाएगा :
    • अगर पैन दोहरा कर परिहार संधि लागू होने की इस घोषणा के साथ जमा किया गया है – ग्राहक के निवास देश में लागू दर के अनुसार कर काटा जाएगा.
    • अगर पैन बिना घोषणा के जमा किया गया हो – टीडीएस 30% की दर से काटा जाएगा.
    • अगर घोषणा बिना पैन के किया गया हो – टीडीएस सामान्य दर से या 20% जो भी अधिक हो से काटा जाएगा.
    • अगर पैन और घोषणा दोनों नहीं जमा किया गया हो – टीडीएस @ 30%

अन्यों के लिए

टीडीएस 20% की दर से काटा जाएगा

प्रमाण पत्र जारी करना

वित्तीय वर्ष के समाप्ति पर एक समेकित प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा

संयुक्त जमाराशियों के विषय में शर्तें

वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों एवं 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति से संयुक्त रूप से जमा स्वीकार करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आवेदन में वरिष्ठ नागरिक का नाम प्रथम नाम के रूप में होना चाहिए.

हमारे बैंक के साथ सावधि जमा के बदले अग्रिम

बैंक के पास रखी गई सावधि जमाराशि के एवज में सावधि जमा रसीद की राशि पर कम से कम 5% मार्जिन राशि रखकर अन्य नियम एवं शर्तों के साथ अग्रिम दिया जा सकता है. यह नियम एवं शर्त शाखा में जाकर समझा जा सकता है.

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