Bank of Baroda


AâTtftãkOàvet > एफ़सीएनआर (बी) ऋण
 





शाखा लोकेटर
डेबिट कार्ड
कैलकुलेटर्स
आवेदन पत्र
संसाधन एव लेख
महत्वपूर्ण संपर्क

विदेशी मुद्रा ऋण | ईसीबी | एफसीएनआर(बी) ऋण | निर्यात वित्त | आयात वित्त

कारेस्‍पांडेंट बैंकिंग | व्‍यापार वित्त | अंतर्राष्‍ट्रीय ट्रेजरी


.
एफसीएनआर(बी) ऋण

कार्पोरेट्स बैंक ऑफ़ बड़ौदा से ऋण ले सकते हैं. भारतीय कार्पोरेट/फर्म, बैंक/भारतीय रिज़र्व बैंक के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार कुछ चयनित शाखाओं पर विदेशी मुद्रा ऋणों के माध्‍यम से निधि प्राप्‍त कर सकते हैं.

प्रमुख लाभ

एफसीएनआर(बी) ऋण कार्पोरेट के लिए निम्‍न कारणों से लाभप्रद हैं :

  • कभी-कभी ये रुपए में लिए गए ऋणों की तुलना में कम ब्‍याज दर पर उपलब्‍ध होते हैं.
  • उधारकर्ताओं को निधि प्राप्‍त करने के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में जाने की आवश्‍यकता नहीं है क्‍योंकि विदेशी मुद्रा निधि भारत में उपलब्‍ध होगी जिससे ऐसी निधि प्राप्‍त करने की लागत में कमी आएगी. .

ऋण के प्रमुख उद्देश्‍य

कार्पोरेट को भारत में विदेशी मुद्रा ऋण प्राप्‍त करने की अनुमति उपर्युक्‍त योजनाओं के अंतर्गत निम्‍नलिखित उद्देश्‍य के लिए दी जाती हैः

1भारतीय रुपए में कार्यशील पूंजी की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए.

2.निर्यातकों के लिए पोतलदान पूर्व अग्रिम/पोतलदानोत्तर अग्रिम के द्वारा

3.कच्‍चे माल का आयात.

4.पूंजीगत माल का आयात.

5.देशी मशीनों की खरीद.

6.मौजूदा रुपया आवधिक ऋण के पुर्नभुगतान हेतु. .

7.भारतीय रिज़र्व बैंक, भारत सरकार की स्‍वीकृति से किसी मौजूदा ईसीबी का पुनर्भुगतान.

ऋण के विभिन्‍न उद्देश्‍यों के लिए मौजूदा दिशानिर्देश निम्‍नानुसार है-

  • भारतीय रुपए की कार्यशील पूंजी की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए.

ऋण की स्‍वीकृति कार्यशील पूंजी/अधिकतम स्‍वीकार्य बैंक वित्त (एमपीबीएफ) के उचित मूल्‍यांकन के बाद की जाएगी. उधारकर्ता को विनियम जोखिम से बचने के लिए स्‍वाभाविक बचाव व्‍यवस्‍था स्‍वतः ही करनी होगी जिसका वहन उसके द्वारा किया जाएगा. उधारकर्ता जिनके पास स्‍वाभाविक बचाव व्‍यवस्‍था नहीं है उन्‍हें विनियम जोखिम से बचने के लिए वायदा कवर लेना चाहिए. उधारकर्ता जिनके पास सुदृढ़ वित्तीय शक्ति , ऊंची रेटिंग जैसे ए+/ए है और उनके पास स्‍वाभाविक बचाव कवर नहीं है तो उन पर विचार किया जा सकता है.

ऋण एमपीबीएफ सीमा का 90% तक संवितरित किया जा सकता है

जहां उधारकर्ता बैंक क्रेडिट की डिलीवरी के लिए ऋण सिस्‍टम के अंतर्गत कवर है, वहां एमपीबीएफ सीमा के विदेशी मुद्रा ऋण, रुपए में ऋण घटक, कैश क्रेडिट घटक और बिल सीमा में वर्गीकरण भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुरुप होना चाहिए.

विदेशी मुद्रा ऋण राशि को ऋण घटक का भाग माना जाएगा बशर्ते ऋण अवधि न्‍यूनतम -6- माह तक हो.

विदेशी मुद्रा ऋण -4- मुद्राओं जैसे यूएस$, स्‍टरलिंग, यूरो और जापान की येन में वितरित की जाएगी.

ऋण की न्‍यूनतम राशि
यूएस $ ,
जीबीपी
यूरो: 100,000
जापान की येन 10 मिलियन .

विदेशी मुद्रा में निर्यातकों को पोतलदान पूर्व ऋण (पीसीएफसी)/विदेशी मुद्रा में पोतलदानोत्तर ऋण.

निर्यातक इस सुविधा का लाभ विदेशी मुद्रा में पोतलदान पूर्व ऋण और साथ ही साथ पोतलदानोत्तर ऋण के द्वारा ले सकता है. इस प्रकार रुपया अग्रिमों पर लागू सभी शर्तें विदेशी मुद्रा अग्रिमों पर भी लागू होंगी.

कच्‍चे माल का निर्यात

आयातक उनको स्‍वीकृत रुपया एमपीबीएफ के बदले कच्‍चे माल के आयात के लिए विदेशी मुद्रा ऋण का लाभ ले सकते हैं. विदेशी मुद्रा ऋण राशि के समतुल्‍य रुपए को समग्र एमपीबीएफ सीमा में चिन्ह्ति करना होगा. इस ऋण का भी विदेशी मुद्रा में पुर्नभुगतान किया जा सकता है.

पूंजीगत माल का आयात

पूंजीगत माल का निर्यातक अधिस्‍थगन अवधि सहित -3-वर्षों से अनधिक अवधि के लिए विदेशी मुद्रा ऋण ले सकता है. सामान्‍यतः पूंजीगत माल का आयात 180 दिनों की मियादी सीमा में होनी चाहिए.

स्‍वदेशी मशीनों की खरीद

कार्पोरेट अपने पूंजी खर्च/परियोजना विस्‍तार योजनाओं आदि हेतु स्‍वदेशी मशीनों की खरीद के लिए विदेशी मुद्रा ऋण प्राप्‍त कर सकते हैं.

मौजूदा रुपया आवधिक ऋण का पुर्नभुगतान

विदेशी मुद्रा ऋण का उपयोग मौजूदा रुपया अवधिक ऋण के पुर्नभुगतान के लिए किया जा स‍कता है बशर्ते विदेशी मुद्रा ऋण की अवधि मौजूदा रुपया ऋण के भाग से अधिक न हो और जो अवधिगत अथवा -3- वर्ष का न हुआ हो.

ईसीबी का पुर्नभुगतान

ईसीबी के पुर्नभुगतान के लिए लागू दिशानिर्देशों के अनुसार भारत सरकार/भारतीय रिज़र्व बैंक की अनुमति आवश्‍यक है. कार्पोरेट भारतीय रिज़र्व बैंक/भारत सरकार से अनुमति प्राप्‍त करने के बाद और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एफसीएनआर(बी) ऋण प्राप्‍त कर सकते हैं.

नियम एवं शर्तों के लिए यहां क्लिक करें

 






 
बैंकिंग कोड्स एंड स्टैंडर्ड्स बोर्ड ऑफ़ इंडिया | बड़ौदा अकादमी | व्यवसाय दायित्व रिपोर्ट | बैंकों की सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए प्रतिबद्धता संहिता | कॉर्पोरेट गवर्नेंस | बासल III के तहत प्रकटीकरण | आर्थिक परिदृश्य | वित्तीय आंकडें | भारत में छुट्टियाँ | मानव संसाधन | सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी आधारभूत संरचना | फोटो गैलरी | सूचना अधिकार अधिनियम | शेयर धारिता पैटर्न | शेयर मूल्य चार्ट | साइटमैप | विंडोज इस्तेमाल की शर्तें,स्टोर एप्लिकेशन | वेबकास्ट


© 2017 Bank of Baroda. All rights reserved. Disclaimer For optimum view of this site you must have IE 5.0 and 1024 by 768 pixels
     
chic logo