किराया प्राप्तियों के एवज़ में ऋण

क्योंकि सबकी
आवश्यकताएं अलग हैं.

आपके सपनों को साकार करने के लिए
प्रस्तुत हैं, ऋण की विविध श्रृंखलाएं.

किराया प्राप्तियों के एवज़ में ऋण

विभिन्न महानगरों एवं शहरी केंद्रों में कई व्यावसायिक भवन / शॉपिंग मॉल्स बनाए जा रहे हैं तथा ऐसी संपत्तियों से किराया प्राप्तियों के प्रतिभूति के एवज़ में ऋण हेतु इनके मालिक बैंकों से संपर्क कर रहे हैं. स्थावर संपदा में वृद्धि की संभाव्यता को ध्यान में रखते हुए भविष्य में प्राप्त होने वाले किराए के एवज़ में ऋण नामक उत्पाद आरंभ किया गया है.

  • नए उत्पाद के दायरे को व्यापक बनाया गया है ताकि लक्ष्य समूहों अर्थात् सभी प्रकार की अचल संपत्तियों (पट्टाकर्ता) के मालिकों को शामिल किया जा सके.
  • न्यूनतम एवं अधिकतम ऋण सीमाओं को रु. 25.00 लाख एवं 200 करोड़ पर निर्धारित किया गया है.
  • किरायेदार वैयक्तिक को छोड़कर अन्य किसी श्रेणी / प्रकार के हो सकते हैं. किरायेदार के रूप में संपत्ति प्रख्यात कॉर्पोरेशन / संस्थाएं / पीएसयू/ बैंकों / बहुराष्ट्रीय कंपनियां हो सकती हैं.
  • इस योजना के तहत विविध प्रयोजनों जैसे सभी उचित आर्थिक गतिविधियों के लिए तथा किराये पर देनेवाले की व्यक्तिगत जरूरतों के लिए ऋण दिया जा सकता है. तथापि, यह सुविधा सट्टेबाजी प्रयोजनों के लिए नहीं दी जाएगी.
  • योजना में मंजूरीकर्ता प्राधिकारी के विवेकाधिकार के तहत बैंक, उधारकर्ता और किरायेदार के बीच त्रिपक्षीय करार किया जा सकता है, जिसके द्वारा सीधे बैंक को किराये का भुगतान करने के लिए संपत्ति के मालिक और किरायेदार दोनों से प्राधिकारी और प्रतिबद्धता पत्र लिया जा सकता है.
  • जिन स्वामियों द्वारा अपना परिसर प्रख्यात कंपनियों / संस्थाओं, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों / स्थापित वाणिज्यिक संगठनों / बहुराष्ट्रीय कंपनियों / बैंकों को किराए पर दिया हो / देना प्रस्तावित हो़.
  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा शाखा / कार्यालय परिसर के मालिक.
  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा के अधिकारियों / कार्यपालकों को निवास स्थानों/फ्लैट के लिए पट्टे पर दिए गए मकानों के मालिक.

नोट

यह सुविधा सिर्फ निवासी ग्राहकों के लिए ही उपलब्ध है, अनिवासी भारतीयों हेतु नहीं है.

उद्देश्य

किराये पर दिए जाने वाले परिसर के नवीकरण / बदलाव / विस्तार से संबंधित खर्चों के लिए और अन्य व्यावसायिक / व्यक्तिगत जरूरतों के लिए, लेकिन सट्टेबाजी के लिए नहीं.

सीमा

पट्टे की निश्चित शेष अवधि के लिए किराये का 55% (वाणिज्यिक रियल एस्टेट अग्रिमों के विषय में किराये का 60%)(गैर वाणिज्यिक रियल एस्टेट अग्रिमों के विषय में) (शुद्ध टीडीएस, अग्रिम किराया / सुरक्षा जमा राशि).

पट्टे / किराये की निश्चित शेष अवधि के लिए मासिक देय और प्राप्य किराये (शुद्ध टीडीएस, अग्रिम किराया / सुरक्षा जमा) से ‘समान मासिक किस्त (ईएमआई)’ के रूप में वसूल किया जा सकता है..

दोनों में से जो भी कम हो.

  • न्यूनतम : रु. 25 लाख
  • अधिकतम : रु. 200.000 करोड़

जहां पर अधिक जोखिम हो, ऐसे मामलों में समुचित रूप से 5% से 10% तक अधिक मार्जिन रखा जाता है.

प्रतिभूति

  • रु 5.00 लाख तक के ऋणों के लिए : भविष्य की किराया प्राप्तियों का समनुदेशन और बैंक को स्वीकार्य तीसरी पार्टी की गारंटी़. ‍ऐसे ऋणों को ‘असुरक्षित’ ऋणों में वर्गीकृत किया जाए और असुरक्षित अग्रिमों के लिए विवेकाधिकार ऋण अधिकार के अनुसार स्वीकृति दी जाए.
  • रु़ 5.00 लाख से अधिक राशि के ऋणों के लिए : भविष्य की किराया प्राप्तियों के समुनेदशन के अतिरिक्त पट्टाकृत संपत्तियों के बंधक या अन्य अचल संपत्तियों और / अथवा एनएससी, केवीपी, आईवीपी इत्यादि का बंधक, जिनका सकल मूल्य व्यापारिक रियल एस्टेट अग्रिमों (सीआरई) के विषय में ऋण राशि का न्यूनतम 1.10 गुना और गैर सीआरई अग्रिमों के विषय में ऋण राशि का 1.00 गुना होना चाहिए.
  • किराये का सीधा भुगतान बैंक को करने हेतु बैंक, ऋणकर्ता और किरायेदार / पट्टाधारक के बीच त्रिपक्षीय करार
    जहां त्रिपक्षीय करार संभव नहीं हो, जैसे सरकारी विभाग / सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां / बहुराष्ट्रीय कंपनियां, मंजूरीकर्ता प्राधिकारी समुचित रूप से यह निर्धारित करें कि किराये की सीधी प्राप्ति हेतु ऋणकर्ता से समुचित पत्र प्राप्त किया जाए और किरायेदार / पट्टाधारक को प्रस्तुत किया जाए तथा किरायेदार / पट्टाधारक से सीधे ‍बैंक को किराये का भुगतान करने के लिए वचन पत्र प्राप्त किया जाए.

आधार दर से 6% अधिक ब्याज लगाया जाएगा़.

चुकौती

अधिकतम 10 वर्षो की अवधि या पट्टे की शेष अवधि के भीतर, दोनों में से जो भी कम हो, की अवधि में ‘समान मासिक किस्तों (ईएमआई) में ऋण का पुनर्भुगतान किया जाएगा.

प्रोसेसिंग शुल्क

एकबारगी प्रोसेसिंग शुल्क – ऋण राशि के 0.50% की दर से, न्यूनतम रु. 1000/- और अधिकतम : रु. 1 लाख.

बीमा

बैंक खंड के साथ बैंक को बंधक रखी जानेवाली ऋणकर्ता (ऋणियों) के नाम की सम्पत्तियों के संपूर्ण बाजार मूल्य के लिए बीमा कराया जाए. बीमा कवर में आग, दंगे, भूकंप इत्यादि जैसे जोखिम शामिल होंगें.

दस्तावेज

  • ऋण का आवेदन.
  • पट्टा विलेख की प्रमाणित प्रति.
  • आवेदक और पट्टाधारक की आय का प्रमाण.
  • आयकर विवरणी की प्रति़.
  • नवीनतम कर रसीद के साथ पट्टे पर दी गई और बंधक रखी गई संपत्तियों के शीर्षक विलेखों की प्रमाणित प्रतियां.
  • अनुमोदित बिल्डिंग प्लान की प्रति़.
  • किराये का सीधा भुगतान बैंक को करने हेतु बैंक, ऋणकर्ता और किरायेदार / पट्टाधारक के बीच त्रिपक्षीय करार. या
  • जहां त्रिपक्षीय करार संभव न हो, वहां किराये की सीधी वसूली हेतु ऋणकर्ता से पत्र प्राप्त किया जाए और सीधे बैंक को किराये भुगतान करने के लिए किरायेदार / पट्टाधारक से वचन पत्र.

टिप्पणी

विधि विभाग / बैंक के कानूनी सलाहकार द्वारा पट्टा करार, त्रिपक्षीय करार, प्राधिकार पत्र और किरायेदार / पट्टाधारक से वचनपत्र की प्रमाणित प्रतियों की जांच के साथ-साथ बैंक के कानूनी सलाहकार द्वारा संपत्ति की भी जांच कराई जाए.

ब्याज दरें

बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा परिसरों के मालिकों हेतु : एक वर्ष एमसीएलआर + स्ट्रैटजिक प्रीमियम +1.25%

अन्य के लिए : एक वर्ष एमसीएलआर + स्ट्रैटजिक प्रीमियम + 3.25%

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