म्‍युचुअल फंड

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म्‍युचुअल फंड में निवेश करना शुरु करें.

म्युचुअल फंड

म्यूचुअल फंड क्या है?

म्यूचुअल फंड पैसो का एक पूल है जिसे पेशेवर फंड मैनेजर द्वारा मैनेज किया जाता है

यह एक न्यास है जो निवेशकों से धन का संग्रहण करता है जो समान निवेश उद्देश्य और समान इक्विटी, बॉण्ड, मनी मार्केट लिखतों और/या प्रतिभूतियों में निवेश करना चाहते हैं, और इस निवेश से समग्र रूप से हुई आय/लाभ का वितरण योजना के “निवल आस्ति मूल्य” या एनएवी की गणना करके लागू व्यय और लेवी की कटौती करके सभी निवेशकों के बीच में अनुपात में किया जाता है। बड़ी संख्या में निवेशकों द्वारा पैसे को एक पूल में डालने को ही म्यूचुअल फंड कहते है.

हमें म्यूचुअल फंड की आवश्यकता क्यों है?

केवल बचत नहीं बल्कि निवेश करें, बचत और निवेश के बीच का अंतर समझें। आय से कम खर्च बचत है लेकिन बढ़ती हुई कीमतें समय के साथ आपकी बचत का मूल्य कम कर देंगी। निवेश केवल मुद्रास्फीति के अनुरूप नहीं होकर उससे कहीं अधिक हो जिससे कि वह आय का दूसरा स्रोत बन सके। म्यूचुअल फंड इक्विटी फंड, डेब्ट फंड, निधियों का फंड, एक्सचेंज – ट्रैडेड फंड, स्थायी परिपक्वता योजनाओं, सेक्टर आधारित फंड और अन्य कई इसी प्रकार के उन्नत उत्पादों श्रृंखला प्रदान करता है.

चाहे इसका उद्देश्य वित्तीय लाभ हो या सुविधा, म्यूचुअल फंड अपने निवेशकों को कई लाभ प्रदान करता है Why Mutual Fund

भारत में म्यूचुअल फंड का इतिहास

म्यूचुअल फंड का जन्म स्थान – यूएसए
भारत में इतिहास:

  • 1964-1987 (चरण I) – यूनिट ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (यूटीआई) का विकास
  • 1987-1993 (चरण II) – सार्वजनिक क्षेत्र का प्रवेश
  • 1993-1996 (चरण III) – निजी फंड्स का उद्भव
  • 1996-1999 (चरण IV) – विकास और सेबी विनियम
  • 1999-2004 (चरण V) – बड़े एवं समरूप उद्योगों का उद्भव
  • 2004 के बाद (चरण VI) – समेकन और विकास

म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे किया जा सकता है?

एकमुश्त/एक बारगी निवेश हेतु कोई भी म्यूचुअल फंड में मात्र रू. 5000/- के निवेश से बिना किसी अधिक सीमा तक निवेश कर सकता है और अधिकतर म्यूचुअल फंड योजनाओं में रू. 1000/- का बाद में/अतिरिक्त अभिदान कर सकते हैं। तथा इक्विटी लिंक बचत योजना (ईएलएसएस) के लिए, न्यूनतम राशि रू. 500/- तक हो सकती है.

यहाँ तक कि सिस्टमैटिक निवेश योजना (एसआईपी) के माध्यम से कोई भी जब तक उसकी इच्छा हो रू. 500/- प्रति माह भी निवेश कर सकता है

सिस्टमैटिक निवेश योजना – एसआईपी क्या है?

सिस्टमैटिक निवेश योजना (एसआईपी) म्यूचुअल फंड द्वारा प्रदान की जाने वाली एक निवेश योजना (विधि) है जिसमें एकमुश्त निवेश की बजाय आवधिकता के आधार पर, निर्धारित अंतराल में जैसे महिने में एक बार निर्धारित राशि का निवेश किया जा सकता है। एसआईपी किस्त की राशि कम से कम रू. 500/- प्रति माह हो सकती है। एसआईपी आवर्ती जमा के समान है जहाँ पर एक छोटी/निर्धारित राशि प्रति माह जमा की जाती है.

एसआईपी म्यूचुअल फंड में निवेश करने की एक बहुत ही सरल विधि है जिसमें हर बार बिना चेक देने की बजाय स्थायी अनुदेशों के माध्यम से अपने खाते से प्रति माह राशि डेबिट कराई जा सकती है। एसआईपी के कुछ लाभ नीचे सूचीबद्ध किए गए है:

  • रूपी कॉस्ट एवरेजिंग
  • पॉवर ऑफ़ कम्पाउंडिंग
  • जल्दी की गई शुरूआत अच्छा भुगतान देती है

अपने निवेश से सर्वश्रेष्ठ प्राप्त करने के लिए, यह महत्त्वपूर्ण है कि लंबी अवधि के लिए निवेश किया जाए, इसका अर्थ है अंत में अधिकतम रिटर्न प्राप्त करने के लिए निवेश की शुरूआत जल्दी की जानी चाहिए.

म्यूचुअल फंड के अंतर्गत कौन से उत्पाद उपलब्ध हैं?

आपकी कोई भी आयु, वित्तीय स्थिति, जोख़िम सह्यता और रिटर्न अपेक्षाएँ हो, आपकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न म्यूचुअल फंड योजनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करने से पूर्व; आपको यह पता होना चाहिए कि आपकी आवश्यकताओं के लिए कौन-सी योजना सही है.

वृद्धि योजनाएँ

मध्यम से दीर्घकाल के लिए पूँजी में वृद्धि का लक्ष्य। इन योजनाओं में सामान्यतः अधिकतर फंड को इक्विटी में निवेश किया जाता है और भविष्य में संभावित मूल्य वृद्धि के लिए अल्पकालिक मूल्य में कमी को सहन करने के लिए तैयार रहते है.

आय योजनाएँ

निवेशकों को नियमित और स्थायी आय उपलब्ध कराने का लक्ष्य। इन योजनाओं में सामान्यतः स्थायी आय प्रतिभूतियों जैसे बॉण्ड और कॉर्पोरेट डिबेंचर फिक्सड इनकम में निवेश किया जाता है। इन योजनाओं में पूँजी वृद्धि सीमित होती है.

बैलेंस योजनाएँ

आवधिकता के आधार पर अर्जित की गई आय और पूँजी के भाग को वितरित करके ग्रोथ और इनकम प्रदान करने का लक्ष्य। वे उनके प्रस्ताव दस्तावेजों में दर्शाए गए अनुपात में शेयर और स्थायी आय प्रतिभूति दोनों में निवेश करते हैं। शेयर बाज़ार के उछाल पर, इन योजनाओं की एनएवी में सामान्यत उछाल और बाज़ार में गिरावट के समय गिरावट नहीं होती है.

मनी मार्केट/ लिक्विड योजनाएँ

आसान तरलता, पूंजी का संरक्षण और मध्यम आय प्रदान करने का लक्ष्य। इस योजना में सामान्यतः अल्पकालिक लिखतों जैसे ट्रेज़री बिलों, सर्टिफिकेट ऑफ़ डिपॉजिट, कॉमर्सियल पेपर तथा अंतर बैंक कॉल मनी में सुरक्षित निवेश किया जाता है। इन योजनाओं के रिटर्न में, मार्केट में प्रचलित ब्याज दरों के आधार पर उतार-चढ़ाव हो सकता है.

टैक्स सेविंग योजनाएँ (इक्विटी लिंक बचत योजनाएँ - ईएलएसएस)

यह योजनाएँ निवेशक को समय –समय पर निर्धारित कर कानूनों के अंतर्गत कर में छूट देती हैं और म्यूचुअल फंड के माध्यम से इक्विटी में दीर्घकालिक निवेश करने हेतु प्रोत्साहित करती हैं.

जो निवेशक इंडेक्स में दिए गए रिटर्न के लगभग समान रिटर्न प्राप्त होने से संतुष्ट हैं उनके लिए इंडेक्स फंड योजनाएँ आदर्श हैं।

जिन निवेशकों ने पहले से ही किसी विशिष्ट सेक्टर या सैग्मेंट में निवेश करने का निर्णय ले लिया है उनके लिए सेक्टरल फंड योजनाएँ आदर्श हैं.

स्थायी परिपक्वता योजनाएँ

स्थायी परिपक्वता योजनाएँ (एफएमपी) म्यूचुअल फंड द्वारा दी जानेवाली निवेश योजनाएँ है जो निर्धारित अवधि के समाप्त होने पर बंद होती हैं, परिपक्वता अवधि एक महिने से तीन/पाँच वर्षों के बीच की हो सकती हैं.

यह योजनाएँ मुख्य रूप से डेब्ट उन्मुख होती है, जबकि इनमें से कुछ में थोड़ा इक्विटी घटक हो सकता है

एक्सचेंज – ट्रैडेड फंड (ईटीएफ)

एक्सचेंज – ट्रैडेड फंड अनिवार्य रूप से इंडेक्स फंड होते हैं जो स्टॉक की भाँति एक्सचेंज में सूचीबद्ध और ट्रैड किए जाते हैं.

पूँजी संरक्षण उन्मुखी योजनाएँ

पूँजी संरक्षण उन्मुखी योजनाओं का प्राथमिक उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली स्थायी आय प्रतिभूतियों में निवेश करके पूँजी का संरक्षण करने का प्रयास होता है और इक्विटी/इक्विटी आधारित लिखतों में निवेश करके पूँजी वृद्धि जनरेट करना द्वितीय उद्देश्य होता है.

पूँजी गोल्ड एक्सचेंड ट्रेडेड फंड (जीईटीएफ)

गोल्ड एक्सचेंड ट्रेडेड फंड नवीन, किफायती और सुरक्षित तरीके से निवेशकों को गोल्ड मार्केट तक पहुँच बनाने में सक्षम बनाता है। गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को गोल्ड की बिना वास्तविक प्राप्ति के स्टॉक एक्सचेंज में यूनिटों की खरीद और बिक्री द्वारा गोल्ड बुलियन मार्केट में सहभागिता लेने के लिए लाया गया है.

मात्रात्मक निधियाँ

मात्रात्मक निधि एक निवेश फंड है, जो मात्रात्मक विश्लेषण के आधार पर प्रतिभूतियों का चयन करता है। ऐसे फंड के मैनेजर निवेश के आकर्षक होने या नहीं होने के निर्णय हेतु कम्प्यूटर आधारित मॉडल बनाते हैं। एक शुद्ध “मात्रा खरीद” की खरीद या बिक्री के लिए अंतिम निर्णय मॉडल द्वारा किया जाता है। तथापि, ऐसी स्थिति भी होती है जहाँ फंड मैनेजर मात्रात्मक मॉडल के अतिरिक्त मानवीय निर्णयों का भी प्रयोग करता है.

विदेश में निधियों का निवेश

भारतीय अर्थव्यवस्था के खुलने के बाद, म्यूचुअल फंड को विदेशी प्रतिभूतियों/अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीदों (एडीआर)/वैश्विक डिपॉजिटरी रसीदों (जीडीआर) में निवेश करने को मंजूरी दी गई है. ऐसी कुछ योजनाओं के फंड विदेश में ही निवेश करने के लिए समर्पित होते है जबकि अन्य निवेश आंशिक रूप से विदेशी प्रतिभूतियों तथा आंशिक रूप से घरेलू प्रतिभूतियों में निवेश किए जाते हैं। हालांकि अधिकतर ऐसी योजनाएँ पूरी दुनिया में प्रतिभूतियों में निवेश करती हैं, वहीं कुछ ऐसी भी योजनाएँ हैं जो किसी विनिर्दिष्ट देश में अपना निवेश करने का दृष्टिकोण रखती है.

निधियों का फंड (एफओएफ)

निधियों का फंड ऐसी योजनाएँ है जिनमें अन्य म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश किया जाता है। इन योजनाओं के पॉर्टफोलियों में केवल अन्य म्यूचुअल फंड योजनाओं तथा कैश/मनी मार्केट प्रतिभूतियों/अल्पकालिक जमा लंबित अविनियोजन की यूनिट शामिल होगी। निधियों का फंड विनिर्दिष्ट क्षेत्र उदा. रियल इस्टेट एफओएफ, विनिर्दिष्ट थीम उदा. इक्विटी एफओएफ, विनिर्दिष्ट उद्देश्य उदा. लाइफ स्टेज एफओएफ या विनिर्दिष्ट स्टाईल उदा. आक्रामक / सतर्क एफओएफ आदि हो सकती हैं.

कृपया ध्यान रखें कि कोई एक योजना सभी समय के लिए आपकी सभी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकती है। आपको अपने धन को न्यायसंगत तरीके से विभिन्न योजनाओं जो आपके लिए बेहतर हो उनमें वृद्धि, आय तथा स्थिरता के मिश्रण में निवेश करना चाहिए। ध्यान रहे कि उच्च रिटर्न की चाहत के साथ आपको उच्च जोख़िम के लिए भी तैयार रहना होगा.

  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा में म्यूचुअल फंड उत्पाद उपलब्ध हैं?

    बैंक ऑफ़ बड़ौदा के पास सभी उत्पाद उपलब्ध हैं। आप किसी भी शाखा में संपर्क कर सकते है या हमारे टोल फ्री नंबर या हमारी वेबसाइट पर जाएँ

  • भारत में म्यूचुअल फंड को कौन नियंत्रित करता है?

    सभी म्यूचुअल फंड सेबी के साथ पंजीकृत हैं और यह सेबी द्वारा निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए सख्त विनियमनों के प्रावधानों के अंदर कार्य करते हैं। सेबी द्वारा म्यूचुअल फंड के परिचालन की नियमित निगरानी की जाती है.

  • भारत में म्यूचुअल फंड कौन बेच सकता है?

    म्यूचुअल फंड विनियमनों के अनुसार, सभी एमएफडी को म्यूचुअल फंड उत्पादों की खरीद और/या वितरण करने से पहले निम्नलिखित दो आवश्यकताओं को पूरा करना होगा :

    • म्यूचुअल राष्ट्रीय प्रतिभूति प्रबंधन संस्थान का संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त करना; और
    • भारत में म्यूचुअल फंड एसोसिएशन (एएमएफआई) के साथ पंजीकरण और एएमएफआई पंजीकरण नंबर (एआरएन) प्राप्त करना.

    उसी प्रकार, म्यूचुअल फंड उत्पादों की खरीद और/या वितरण हेतु नियुक्त होने से पहले, एमएफडी के कर्मचारियों को संबंधित एमआईएसएम प्रमाणपत्र और एएमएफआई के साथ पंजीकरण और कर्मचारी विशिष्ट पहचान संख्या (ईयूआईएन) प्राप्त करना।.

  • जोख़िम सह्यता आधार पर कौन से पोर्टफोलियों अच्छे हैं?

    आक्रामक योजना साधारण योजना संतुलित योजना
    वृद्धि योजना 60-70% 30-40% 10%
    संतुलित योजना 10-20% 40-50% 20-30%
    आय योजना 10-15% 20% 50-60%
    मनी मार्केट योजना 5% 10% 10%
    के लिए उपयुक्त
    • अपने प्रमुख अर्जन वर्षों में निवेशक अधिक जोख़िम लेने के लिए तैयार रहते है।
    • लंबी अवधि में वृद्धि चाहने वाले निवेशक
    • आय और साधारण वृद्धि चाहने वाले निवेशक
    • स्थिरता और साधारण जोख़िम के साथ वृद्धि चाहने वाले निवेशक
    • सेवानिवृत्त तथा अन्य निवेशक जो पूँजी आरक्षित रखते हुए नियमित आय चाहते हैं
  • म्यूचुअल फंड उत्पादों का मूल्य/प्रदर्शन कैसे जानें?

    म्यूचुअल फंड की किसी भी विशिष्ट योजना के प्रदर्शन को निवल आस्ति मूल्य (एमएवी) द्वारा लक्षित किया जाता है.

    निवेशकों से संग्रहित किए गए धन को म्यूचुअल फंड प्रतिभूति बाज़ार में निवेश करता है। साधारण शब्दों में, निवल आस्ति मूल्य योजना में धारित प्रतिभूतियों का बाज़ार मूल्य होता है। चूँकि, प्रतिभूतियों का बाज़ार मूल्य प्रतिदिन परिवर्तित होता रहता है, इसलिए योजना की एनएवी भी प्रतिदिन के आधार पर भिन्न होती है। प्रति यूनिट की एनएवी, योजना की प्रतिभूतियों के बाज़ार मूल्य को किसी भी विशिष्ट तारीख को योजना की कुल यूनिट संख्या से भाग देने पर आती है। उदाहरणार्थ, यदि म्यूचुअल फंड योजना की प्रतिभूतियों का बाज़ार मूल्य रू. 200 लाख है और निवेशकों को रू. 10 प्रति यूनिट पर म्यूचुअल फंड की 10 लाख यूनिट जारी की गई है, तो फंड की प्रति यूनिट एनएवी रू. 20 होगी। म्यूचुअल फंड द्वारा योजना के प्रकार के अनुसार दैनिक या साप्ताहिक आधार पर नियमित रूप से उद्घाटित करनी होगी.

  • वित्तीय/निवेश लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए म्यूचुअल फंड कैसे उपयोगी हो सकता है?

    म्यूचुअल फंड निवेशक के निवेश उद्देश्य और सीमा पर आधारित अल्पकालिक या दीर्घकालिक हो सकता है। म्यूचुअल फंड योजनाओं के विभिन्न प्रकार है – जिन्हें विभिन्न प्रकार की प्रतिभूतियों में निवेशित किया जाता है – इक्विटी और डेब्ट जो भी विभिन्न निवेशकों की आवश्यकताओं और निवेश लक्ष्यों के अनुरूप हो

    पूँजी संरक्षण बचत बैंक खाता पीपीएफ तरल निधि
    सामान्य आय सावधि जमा पीओ – मिस डेब्ट फंड
    पूँजी वृद्धि रियल इस्टेट गोल्ड इक्विटी फंड

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