निवासी विदेशी मुद्रा ए/सी - भारत में बसने हेतु भारत लौटने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए

आपके व्यवसाय को आवश्यकता है
एक सही वित्तीय साझेदार की.

बैंक ऑफ़ बड़ौदा चालू खाता खोलें.

निवासी विदेशी मुद्रा ए/सी - भारत में बसने हेतु भारत लौटने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए

भारत में स्थायी रूप से रहने के इरादे से वापस आने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए बैंक ऑफ़ बड़ौदा एक लाभकारी जमाराशि योजना लाया है. देश वापस आने वाले आपके सभी मौजूदा खातों का नया नाम आरएफसी खाते होगा. यह खाते यूएस डॉलर मूल्यवर्ग में बनाए रखे जाते हैं.

  • एनआरआई के वास्तविक प्रयोजन हेतु आरएफ़सी खाते की राशि को पूरी तरह से स्वदेश भेजने योग्य माना जाएगा.
  • आरएफ़सी खाता खोलने और निधियों को विदेश में अंतरित करने के लिए रिज़र्व बैंक की अनुमति लेनी आवश्यक नहीं है.
  • स्थानीय उपयोग के लिए आरएफ़सी निधियों को आसानी से भारतीय रुपये में आहरित किया जा सकता है.
  • पुनः विदेश जाने के लिए एनआरआई इस राशि का आसानी से उपयोग कर सकते हैं और खाते को पुनः एफ़सीएनआर और एनआरई खाते में भी बदल सकते हैं जैसा कि खाता उनके ‘भारत वापस आने’ के पहले था. .
  • Money will be held as TERM DEPOSITS for periods from twelve months up to five years.
  • Interest rates will be as follows:
    • RFC deposits of 12 months up to 60 months will be charged with the same interest rates as FCNR DEPOSITS (No interest will be paid for premature payment before12 months).
  • Funds may be held in USD AND/OR GBP currencies
  • if the NRI has been abroad for a continuous period of 24 months, whence he will get exemption for subsequent nine years after which he will be known as Resident and Ordinarily Resident in Income Tax parlance.
  • During the nine years he will be known as resident but not Ordinarily Resident and thereby claim Income Tax Exemption on RFC.

सामान्य अनिवासी खाते

खाताधारक के भारत वापस आने पर जिसके फलस्वरूप वह भारत का कानूनन निवासी बन जाता है सामान्य अनिवासी खातों को बैंक द्वारा निवासी खातों में परिवर्तित कर दिया जाता है.

अनिवासी (बाह्य) रुपया खाता

खाताधारक के भारत वापस लौटने एवं भारत के कानूनन निवासी बनने पर तथा उनके द्वारा विकल्प देने पर एनआरई खाते को भी निवासी रुपए खाते या आरएफसी खाते (यदि पात्र हैं) में परिवर्तित किए जाएंगे. एनआर (ई) सावधि जमाराशि के मामले में, निवासी खाते में परिवर्तित किए जाने के बावजूद भी इन खातों में परिपक्वता तक सहमत दर पर ब्याज मिलना जारी रहेगा.

एफसीएनआर खाते

खाता धारक के भारत वापस लौटने एवं भारत के निवासी बनने पर तथा उनके द्वारा विकल्प देने पर एफसीएनआर खाते भी निवासी रुपया खाते या आरएफसी खाते (यदि पात्र हैं) में परिवर्तित किए जाएंगे.

खाते के निवासी रुपया खाते में परिवर्तन किए जाने के मामले में, परिवर्तन के दिन टीटी खरीदने की दर के नियम से विदेशी मुद्रा राशि भारतीय रुपए में परिवर्तित की जाएगी. नई जमाराशि पर, ऐसी जमा राशियों पर लागू प्रचलित दर से ब्याज का भुगतान किया जाएगा.

आरएफसी खाते

आरएफसी खाते में राशि अंतरित किए जाने के मामले में, आरएफसी खाते पर लागू ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा.

आप वापस आने पर लाई गई आस्तियों तथा विदेश में रखी गई विदेशी आस्तियों के माध्यम से किसी भावी तारीख पर यदि आप इच्छुक हों तो, आरएफसी खाता भी खोल सकते हैं. आपका मौजूदा एनआरआई खाता पुन: वर्गीकृत किया जाएगा एवं आरएफसी कहलाएगा जबकि आपकी जमा राशियों की निरंतरता जमाओं की परिपकवता की तारीख तक बनाए रखी जाएगी.

EMI Calculator

APR Calculator
  • Total Interest
  • Total Amount
Monthly Payment Rs. 1,977.00

Apply Now

अंतिम देखा गया पेज

X
Back to Top