बचत बैंक नियम

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बचत बैंक नियम

बचत बैंक खाता कौन खोल सकता है.

  • करार करने में सक्षम और जिसका समुचित परिचय बैंक को दिया गया है, अपने नाम पर खाता खोल सकता है. वह अपने नाम पर एक से अधिक खाते नहीं खोल सकता / सकती. दो या अधिक व्यक्तियों के नाम पर खाते खोले जा सकते हैं, जो निम्नानुसार देय होंगे:
    • किसी एक या अनेकों को,
    • जीवितों में से किसी एक या अनेकों को,
    • कोई भी एक या किसी एक या उनमें से अनेकों को या जीवितों को संयुक्त रूप से या जीवित को
    • पहले या जीवित या दूसरा या जीवित , बशर्ते पहले / दूसरे खाताधारक की मृत्यु के प्रसंग में क्रमश: दूसरे / पहले नामधारी खाताधारक खाते में जमा शेष प्राप्त करेंगे.
  • अवयस्क के एकल नाम से बचत खाता खोला और अवयस्क द्वारा संचालित किया जा सकता है, बशर्ते अवयस्क ने -10- वर्ष की आयु पूरी की हो और वह पढ / लिख सकता हो. ऐसे खाते में अधिकतम जमा शेष रु. 1,00,000/- से अधिक नहीं होना चाहिए. -14- वर्ष से अधिक आयु के अवयस्क के खातों के लिए अधिकतम जमा शेष की कोई सीमा नहीं.
  • अवयस्क का खाता उसके प्राकृतिक अभिभावकों यानी पिता या अभिभावक यानी मा या दोनों के साथ संयुक्त रूप से खोला जा सकता है.
  • क्लब, सोसायटी, भविष्य निधि और न्यास के नाम पर खाता खोला जा सकता है, बशर्ते इनका गठन यथायोग्य रूप से किया गया हो और वे भारतीय रिजर्व बैंक / बैंक द्वारा समय समय पर निर्धारित शर्तों को पूरा करते हो.
  • भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशों के अनुसार और पूर्वानुमति के अधीन विशिष्ट संस्थाओं / एजेंसियों के नाम से खाते खोले का सकते हैं, बशर्ते इन्हें सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया हो या जिन्हें कंपनी अधिनियम 1956 के अनुसार 'लिमिटेड' या 'प्राइवेट लिमिटेड' शब्दों का इस्तेमाल करने से छूट दे दी गई हो, साथ ही जो सामाजिक हितार्थ कार्य कर रहे हों और समाज के कमजोर तबकों के लिए कार्य कर रहे हों और वे जिन्हें आयकर अधिनियम 1961 के तहत आयकर से छूट प्रदान की गई हो.
  • इसीके साथ भारतीय रिजर्व बैंक निदेशों के अनुसार सरकारी विभागों / निकायों एजेंसियों के नाम पर भी खाते खोले जा सकते हैं, जो केन्द्र / राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित विविध कार्यक्रमों / योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए प्रदान किए जानेवाले अनुदान / सब्सिडी के विषय में होंगे. संबंधित सरकारी विभाग द्वारा दिए गए प्राधिकार पत्र को बैंक समुचित रूप से अपने रिकार्ड पर रखे.

बचत खाता कैसे खोला जा सकता है

  • खाता खोलने के लिए बैंक के निर्धारित प्रारूप में ही आवेदन करना होगा. आवेदन स्वयं खाताधारक द्वारा बैंक के प्राधिकृत अधिकारी की उपस्थिति में किया जाना चाहिए और आवेदक को आवेदन पत्र के सभी स्तम्भों में सूचना भरनी होगी. हर आवेदक को इस आशय का घोषणा पत्र देना होगा कि उसने बचत खाते के नियमों को पढा है और वह उन्हें स्वीकार करता है.
  • निरक्षर जमाकर्ता, जो लिखने में असमर्थ हैं, को खाता खोलने के फॉर्म पर अपने अंगूठे का निशान लगाने के लिए स्वयं बैंक में आना होगा. बैंक और आवेदक दोनों को परिचित साक्ष्य की उपस्थिति में अंगूठे का निशान लगवा लिया जाएगा. ऐसे निरक्षर जमाकर्ता को अपना नवीनतम फोटोग्राफ बैंक को देना होगा, जिसे बैंक को परिचित व्यक्ति द्वारा अधिप्रमाणित किया जाएगा. इस प्रकार जमाकर्ता को हर बार खाते से धनराशि निकालते समय अपने अंगूठे के निशान को अधिप्रमाणित करने की आवश्यकता नहीं रहेगी. वह बैंक के अधिकारी की उपस्थिति में अपने अंगूठे का निशान लगा सकता है.
  • निरक्षर व्यक्तियों के एकल या संयुक्त बैंक खातों में चेक बुक सुविधा नहीं दी जाती.
  • हर खाताधारक को खाता खोलते समय अपना अद्यतन पासपोर्ट आकर का फोटोग्राफ प्रस्तुत करना होगा. (vi) बैंक के साथ संतोषजनक तरीके से परिचालित खाता रखनेवाले वर्तमान खाताधारक बैंक को नये खाते का परिचय दे सकता है. जब भी जमा खाता खोला जाएगा और वर्तमान खाताधारक से परिचय प्राप्त किया जाएगा, तब निम्नलिखित शर्तों का पूरा करना जरूरी होगा :
    • परिचयकर्ता का खाता कम से कम छ: महीने पुराना होना चाहिए और
    • परिचयकर्ता का खाता संतोषजनक तरीके से परिचालित और सक्रिय होना चाहिए.
    • परिचयकर्ता का खाता केवायसी मानदंडों का अनुपालन करनेवाला हो. मतलब यह कि प्रस्तावित परिचयकर्ता के बैक के पास रखे गए खाते के विषय में केवायसी की आवश्यकताओं को पूरा किया हो
  • परिचय के तौर पर धारक के फोटोग्राफ के साथ निम्न दस्तावेज भी स्वीकार किए जा सकते है.
    • वैध पासपोर्ट
    • पैन कार्ड
    • ड्राइविंग लाइसेंस
    • मतदाता पहचान पत्र
    • रक्षा पहचान पत्र
    • केन्द्रीय / राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियो के पहचान पत्र.
    • ज्येष्ठ नागरिक कार्ड.
  • यदि परिचयकर्ता दिया हुआ परिचय वापस लेता है तो बैंक पूर्णत: अपने विवेकाधिकार के तहत खाते के परिचालन पर तुरंत रोक लगा सकता है, जिसके लिए जमाकर्ता को पूर्वसूचना देना जरूरी नहीं है और खाते पर आहरित किए गए चेक लौटाने / पारित न करने तथा खाता बंद करने की कार्यवाही बैंक के लिए उचित ही होगी.

पासबुक

  • बैंक के खाताधारकों को खाते का पासबुक / विवरण जारी करता है. खाते से आहरण पर्ची की सहायता से राशि आहरित करने के लिए शाखा द्वारा जारी पासबुक / खाते का विवरण / पहचान पत्र साथ में प्रस्तुत करना जरूरी होता है. यदि पासबुक / खाते का विवरण / पहचान पत्र गलत व्यक्ति के हाथ लगे और वह खाते से धोखाधडी से राशि आहरित करे तो इस वजह से खाताधारक को हुए नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा.
  • पते में हुए परिवर्तन की सूचना तुरंत बैंक को दी जाए और केवायसी मार्गनिर्देशों के अनुसार नये का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए पासबुक में भी आवश्यक परिवर्तन करा लिया जाए.
  • खाता खोलते समय पासबुक / पहचान पत्र / खाते का विवरण नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा और मूल प्रति के बाद निरंतर रूप से प्रदान किया जाता रहेगा. लेकिन यदि पासबुक / पहचान पत्र / खाते का विवरण प्राप्त करने के लिए जमाकर्ता को निर्धारित प्रभार अदा करने होंगे.
  • जिन खातों के चेक द्वारा आहरण किए जाते हैं. ऐसे खातों में आहरण के बाद समय समय पर या अपनी सुविधा के अनुसार पासबुक अद्यतन करने के लिए बैंक के पास भेजा जाए.

ऋण

  • खाता खोलते समय जमा करने के लिए न्यूनतम राशि निम्नानुसार होगी
    विवरण किसी भी सीबीएस शाखा के बावजूद क्षेत्र
    चेक बुक सुविधा के साथ या चेकबुक सुविधा के बगैर
    • खाता खोलते समय
      रु. 1000/-
    • खाता खोलने
      के बाद तिमाही औसत जमा राशि रु. 1000/- रखना आवश्यक होगा.
    पेंशनर के खाते में रु. 5/-
  • खातें में किए जानेवाले सभी भुगतान जमा पर्ची के साथ ही किए जाएंगे, जो खाताधारकों को नि:शुल्क प्रदान की जाएंगी. निम्न प्रकार के भुगतानों के लिए अलग अलग जमा पर्ची का इस्तेमाल करना होगा :
    • नकद राशि
    • हमारी शाखाओं पर आहरित स्थानीय चेक / लाभांश वारंट इत्यादि.
    • अन्य बैंकों पर आहरित स्थानीय चेक / लाभांश वारंट इत्यादि.
    • जहां बैंक की शाखा न हो, ऐसे स्थानों पर आहरित बाहरगांव के चेक / लाभांश वारंट इत्यादि की उगाही ग्राहक की जिम्मेदारी पर कराई जाएगी और किसी भी एजेंट के किसी कार्य, दुर्लक्षिता या दिवालियेपन की वजह से या ऐसी उगाही की कार्यवाही के दौरान किसी तरह के नुकसान या विलंब की स्थिति के लिए बैंक किसी प्रकार से जिम्मेदार नहीं रहेगा.
  • सिर्फ खाताधारक के खाते में देय चेक, लाभांश वारंट, ब्याज वारंट इत्यादि को उगाही हेतु स्वीकार किया जाएगा. नये खोले गए खाते में जबतक परिचयकर्ता की पुष्टि प्राप्त नहीं होती तथा जिन खातों में खाताधारक का परिचय देने के लिए परिचयकर्ता खुद शाखा में उपस्थिति नहीं हुए हों, ऐसे खातों में चेक, लाभांश वारंट आदि उगाही के लिए स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
  • खातों की समुचित रूप से पहचान हो, इसलिए नकद राशि / चेक प्रस्तुत करते समय जमा पर्ची में योग्य स्तम्भों में पूरा नाम तथा खाता क्रमांक लिखा जाए. जमाकर्ता द्वारा जमा पर्ची में गलत नाम / खाता नंबर दर्ज किए जाने की वजह से यदि इस प्रकार प्रस्तुत की गई नकद / चेक की राशि खाते में जमा होने या इस वजह से खाते से चेक वापस किए जाने की स्थिति के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा.

आहरण

  • आहरण पर्ची या चेक या किसी अन्य विधा के माध्यम से आरणों की अनुमति दी जाएगी.
  • कैलेण्डर अर्धवर्ष में बचत खाते से आहरणों की कुल संख्या अधिकतम 100 हो सकती है.
  • आहरण पर्ची के द्वारा ग्रामीण व अर्धशहरी शाखाओं में रु. 25/- से कम और शहरी व महानगरी क्षेत्रों में रु. 50/- से कम राशि के आहरण को अनुमति नहीं दी जाएगी. सिर्फ खाता बंद करते समय इसकी राशि अनुमति दी जा सकती है.
  • महानगरी / शहरी क्षेत्रों में रु. 5000/- तक और ग्रामीण / अर्धशहरी क्षेत्रों में रु. 25000/- तक नकद राशि का आहरण पर्ची के पेटे किया जा सकता है.

चेक द्वारा आहरण

  • चेक बुक जारी करते समय प्रत्येक चेकपन्ने के लिए रु. 2.50 व उसमें सेवा कर जोडकर लागत से चेकबुक जारी किया जाएगा. तथापि, व्यक्तिगत बचत खातों के लिए एक वित्तीय वर्ष में 40 चेक पन्ने नि:शुल्क दिए जाएंगे. बचत खाते में नि:शुल्क चेकबुक की आपूर्ति 6 महीनों के लिए या उसके किसी भाग के लिए आनुपातिक आधार पर की जाएगी. जमाकर्ता अपने पुराने चेकबुक में रखी गई प्रिंटेड मांग पर्ची के माध्यम से ही नये चेकबुक की मांग करेंगे. जालसाजी, धोखाघडी को टालने के लिए ग्राहकों को विशेष तौर पर अनुरोध किया जाता है कि-

    • चेकबुक उचित तरीके से तालाबंद रखें,
    • चेक सुपुर्द करने से पहले चेक की सारी रिक्तियां भर लें,
    • अक्षरों में राशि '' रुपये'' शब्द से सटकर लिखी जाए और अंकों में राशि '' रु.'' शब्द से सटकर लिखें.
  • बैंक द्वारा प्रिंट करके दिए गए चेक फॉर्म में ही चेक आहरित किया जाए. इससे भिन्न तरीके से आहरित चेक पर भुगतान न करने का अधिकार बैंक को है.
  • यदि खाते में किसी भी कारण से जमा शेष ऊपरिनिर्धारित न्यूनतम शेष से नीचे आ जाता है, तो ग्राहक को सूचना दिए बगैर उसकी चेकबुक सुविधा वापस लेने का बैंक को अधिकार है.
  • जिन खातों में चेकबुक जारी किए गए हैं, वहां चेक के द्वारा ही आहरण को अनुमति दी जाएगी.
  • आगामी तारीख के चेक यानी जिनपर प्रस्तुति की तारीख के बाद की तारीख लिखी गई हो तथा प्रस्तुति की तारीख से पूर्व छ: महीने से अधिक पुरानी तारीख के साथ यानी पुराने, अवधिपार चेकों पर भुगतान नहीं किया जाएगा.
  • चेक पर लिखावट साफ और स्पष्ट हो और चेक को इस तरह आहरित किया जाए कि उसमें कोई परिवर्तन करना संभव न हो.
  • चेक पर राशि अंकों के साथ साथ अक्षरों में भी लिखी जाए.
  • चेक पर किए गए हर परिवर्तन को आहर्ता द्वारा अपने पूरे हस्ताक्षर से अधिप्रमाणित किया जाए. ये हस्ताक्षर से मिलते हों, अन्यथा चेक का भुगतान नहीं किया जाएगा.
  • चेक पर किए गए हस्ताक्षर बैंक को दिए गए नमूना हस्ताक्षर से मिलते हों, अन्यथा भुगतान से इन्कार कर सकता है.
  • चेक का भुगतान रोकने का अनुरोध प्राप्त किया जा सकता है लेकिन यदि ऐसे अनुदेशों का अनुपालन न किया जाए, तो इसकी कोई जिम्मेदारी बैंक नहीं लेता.
  • खाते में जमा करने के लिए प्रस्तुत चेकों या अन्य लिखतों की जबतक उगाही नहीं होती, तबतक उनके पेटे आहरण को अनुमति नहीं दी जाएगी.
  • सभी चेकों पर खाता नंबर लिखना अवयश्क है. खाता क्रमांक का जिनपर उल्लेख न हो, ऐसे चेकों पर भुगतान से इन्कार करने का बैंक को अधिकार है.
  • चेक बुक का इस्तेमाल करने और इसे सुरक्षित रखने के विषय में चेकबुक पर दिए गए अनुदेशों का अनुपालन कठोरता से किया जाए.

ब्याज

  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय समय पर निर्धारित दरों से हर अर्धवर्ष के अंतराल के बाद, मई और नवंबर में ब्याज दिया जाएगा.
  • प्रतिदिन शेष के आधार पर ब्याज दिया जाएगा.

स्थायी अनुदेश

  • बीमा प्रिमियम इत्यादि जैसे अवधिक भुगतान के लिए बैंक स्थायी अनुदेश स्वीकार की सकता है. अन्य शाखाओं के साथ खाते में जमा कराने के लिए प्रति संव्यवहार रु. 20/- प्रभार तथा सेवा कर लिए जाएंगे. (एक ही शाखा के भीतर अंतरण के लिए कोई प्रभार नहीं होंगे). यदि संव्यवहार में बाहरगांव की शाखा जुडी हुई हो, तो निर्धारित दरों से प्रेषण प्रभार और प्रत्यक्ष पोस्टेज / कूरियर के प्रभार अतिरिक्त रूप से वसूल किए जाएंगे. (पर्याप्त शेष न रहने की वजह से स्थायी अनुदेश का अनुपालन संभव न होने की स्थिति में प्रति संव्यवहार रु. 20/- तथा सेवा कर लगाया जाएगा.)

खाता बंद करना

  • खाताधारक को खाता बंद करने के लिए लिखित रूप में अपना अनुरोध देना होगा. अनुरोध पत्र पर सभी खाताधारकों के हस्ताक्षर होना आवश्यक है.
  • जब खाताधारक खाता बंद करना चाहता है, तब उसे अपना पासबुक / खाते का विवरण / पहचान पत्र / डेबिट कार्ड जो भी है, वापस करना होगा.
  • जमाकर्ता के पास यदि कोई इस्तेमाल में न लाए गए चेक फॉर्म, यदि कुछ हैं, तो उन्हें वापस करना होगा.

जमाकर्ता के हस्ताक्षर

  • हर खाताधारक को खाता खोलते समय अपने नमूना हस्ताक्षर बैंक के प्राधिकृत हस्ताक्षरी की उपस्थिति में दर्ज करने होंगे.
  • सभी आहरण फॉर्म, चेक और बैंक को पत्रों पर किए हस्ताक्षर शाखा में रिकार्ड किए गए नमूना हस्ताक्षर से अवश्य मिलते हों.

नामांकन सुविधा

  • व्यक्तिगत खाताधारकों को नामांकन करने, नये नामांकन करने या परिवर्तन करने की सुविधा होगी.

सेवा प्रभार

  • रु. 100/- और सेवा कर (वित्तीय कारणों से वापस किए गए चेक के विषय में) और रु. 50/- तथा सेवा कर (अन्य कारणों से वापस किए गए चेक के विषय में).
  • वित्तीय कारणों से वापस किए गए आवक चेकों के विषय में,चेक हमारे बैंक द्वारा आवक समाशोधन में प्राप्त होने की तारीख से वापस की गई लिखतों को क्लियरिंग हाउस में प्रस्तुतकर्ता बैंक को पुन: प्रस्तुत करने की तारीख तक बीपीएलआर +3.5% की दर से ब्याज लगाया जाएगा, जो कम से कम रु.10+ सेवा कर होगा. बाहरी चेकों के मामले में सामान्य कलेक्शन प्रभारों के 50% प्रभार लिए जाएंगे, बशर्ते कम से कम प्रभार रु. 25/- + सेवा कर होंगे.
  • रु. 100/- +सेवा कर होगा, यदि प्रति तिमाही औसत रु. 1000/- नहीं रखा जाने पर. दि. 01.10. 1995 के बाद खोले गए नये बचत खातों पर ही यह लागू होगा.
  • जहां एक छ:माही के भीतर आहरणों / चेकों की संख्या 100 से अधिक हो जाती है, तब एक सौ आहरणों के ऊपर के आहरणों के लिए प्रति संव्यवहार / चेक रु. 10/- की दर से सेवा प्रभार लिए जाएंगे.
  • रु. 50/- + सेवा कर हर बार भुगतान रोकें आदेश स्वीकारने के लिए प्रति लिखत के लिए.
  • रु. 20/- + सेवा कर, हर बार संतुक्त खाते में नाम जोडने / हटाने / नामांकन करने / परिचालनात्मक अनुदेशों में परिवर्तन करने के लिए.
  • व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए अद्यतन शेष के साथ पासबुक के लिए रु. 30/- + सेवा कर और गैर व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए अद्यतन शेष के साथ पासबुक के लिए रु. 50/- + सेवा कर. यदि पूर्व में किए गए संव्यवहारों की प्रविष्टियां आवश्यक हैं तो प्रत्येक खाताबही पृष्ठ या उसके किसी भाग के लिए रु. 30/- + सेवा कर और रु. 50/- + सेवा कर (गैर व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए) अतिरिक्त प्रभार लिया जाएगा. कम्प्यूटर पर रखे जानेवाले खातों के विषय में 30 प्रविष्टियां या उसके किसी भाग को एक पृष्ठ समझा जाएगा.
  • डुप्लीकेट विवरण / पासबुक जारी करना : अद्यतन शेष के साथ पासबुक जारी करने के लिए रु. 25/- + सेवा कर. यदि पूर्व के संव्यवहारों की प्रविष्टियां आवश्यक हैं तो प्रत्येक खाताबही पृष्ठ या उसके किसी भाग के लिए अतिरिक्त प्रभार रु. 25/- लिया जाएगा. कम्प्यूटर पर रखे जानेवाले खातों के विषय में 30 प्रविष्टियां या उसके किसी भाग को एक पृष्ठ समझा जाएगा.
  • शेष प्रमाणपत्र / ब्याज प्रमाणपत्र - प्रत्येक प्रमाणपत्र के लिए रु. 20/- + सेवा कर (व्यक्तियों के लिए); प्रत्येक प्रमाणपत्र के लिए रु. 30/- + सेवा कर (अन्यों के लिए)
  • अवधि समाप्त होने से पहले (एक वर्ष के भीतर) खाता बंद करना :
    • व्यक्तिगत - रु. 75/- + सेवा कर. अन्य : रु. 100/- + सेवा कर.
  • बचत खाता चेकबुक सविधा के साथ - रु. 30/-.
  • बचत खाता चेकबुक सविधा के बगैर - रु. 20/-.
  • अपरिचालित खातों के लिए प्रासंगिक प्रभार : निर्धारित न्यूनतम शेष रखे जानेवाले खाते - शून्य निर्धारित न्यूनतम शेष न रखनेवाले खाते- रु. 75/- + सेवा कर प्रत्येक अर्धवर्ष के लिए, खाता निष्क्रिय रहने के पहले वर्ष के अंत में ब्याज लगाए जाने की तारीख से आरंभ होगा इसकी सूचना ग्राहक को दी जाएगी. यदि खाते में शेष रु. 75/- या इससे कम है- ग्राहक को सूचना देते हुए पूरा शेष सेवा प्रभारों के रूप में समायोजित किया जाएगा.
  • अपरिचालित खातों के लिए प्रासंगिक प्रभार : जिन पर ब्याज नहीं लगाया जाता ऐसे खातों के लिए - प्रत्येक अर्धवर्ष के लिए रु. 20/-.
  • खाताधारक की मृत्यु होने पर खाता बंद करना : कोई प्रभार नहीं.
  • प्रतिबंधात्मक परिचालनों वाले खातों में प्रत्येक अर्धवर्ष के लिए रु. 50/- + सेवा कर.
  • आदेश द्वारा खाते में परिचालनों को अनुमति दी जाने की स्थिति में - रु. 50/- + सेवा कर.
  • उपरोक्तानुसार सेवा प्रभार समय-समय पर परिवर्तन के अधीन होंगे.
  • यदि खाता संतोषजनक तरीके से चलाया नहीं जाता हो, या उपरोक्त मद क्र.4 (अ) में दिए अनुसार न्यूनतम शेष नहीं रखा जाता हो या खाते में निष्क्रिय खातों को लागू सेवा प्रभार लगाने के बाद शेष शून्य की स्थिति में आ जाए, तो खाताधारक को सूचने देते हुए कोई भी खाता बंद करने का बैंक को अधिकार है.

नये नियम बनाना और नियमों में परिवर्तन

  • किसी भी समय कोई सूचना दिए बगैर नये नियम बनाने या इनमें परिवर्तन का बैंक को अधिकार है.

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